गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ कार्यवाही को सीएम से मिलेंगे शिक्षक

गोरखपुर विश्वविद्यालय का शिक्षक आंदोलन नया मोड़ लेने जा रहा है। शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने बैठक कर कुलपति प्रो. राजेश सिंह के खिलाफ सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने का निर्णय लिया है। यहां पर शिक्षक कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

Pradeep SrivastavaPublish: Thu, 27 Jan 2022 07:30 AM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 07:30 AM (IST)
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ कार्यवाही को सीएम से मिलेंगे शिक्षक

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघर्ष मोर्चा से जुड़े शिक्षकों ने कुलपति प्रो. राजेश सिंह को चौतरफा घेरने की रणनीति बनाई है। रणनीति के तहत यह शिक्षक पहले मुख्यमंत्री से मिलकर कुलपति के खिलाफ अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे। मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण से अवगत कराकर विधिक कार्यवाही की मांग करेंगे। इसी क्रम में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनका समर्थन प्राप्त करेगा। यही नहीं साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखने के लिए यह शिक्षक बारी-बारी से विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्यों से भी मिलेंगे।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा की बैठक में हुआ निर्णय

यह रणनीतिक निर्णय शिक्षकों ने शिक्षक संघर्ष मोर्चा के संयोजक प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी और प्रो. विनाेद सिंह की अगुवाई में हुई बैठक में लिया। बैठक के बाद प्रो. त्रिपाठी ने आराेप लगाया कि राजभवन सचिवालय द्वारा कुलपति प्रो. राजेश सिंह को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुलपति के हटाए जाने तक संघर्ष मोर्चा का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया मोर्चा के सदस्यों ने शिक्षक संघ का चुनाव अतिशीघ्र कराने का चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल से आग्रह किया गया है। चुनाव जल्द संपन्न होंगे।

पूर्व संविदा शिक्षक डा. सम्पूर्णानंद कल से करेंगे आमरण अनशन

कुलपति प्रो. राजेश सिंह और शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बीच चल रहे विवाद के बीच पूर्व संविदा शिक्षक डा. सम्पूर्णानंद मल्ल ने आंदोलन का निर्णय लिया है। राज्यपाल से मामले की हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा है कि वे 27 जनवरी से विश्वविद्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनके अनशन का लक्ष्य प्रो. कमलेश का निलंबन वापस लेना और कुलपति को हटाया जाना है। प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने बताया कि यदि विवि परिसर में उन्हें आमरण अनशन से रोका गया तो वह अपने घर पर मांग पूरी होने तक अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।

Edited By Pradeep Srivastava

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept
ट्रेंडिंग न्यूज़

मौसम