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कमाल के हैं गुरुजी, रजिस्‍टर में उपस्थित, पोर्टल पर अवकाश Gorakhpur News

परिषदीय स्कूलों के कई शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा लिए गए अवकाश और अवकाश लेखा में बचे अवकाशों की स्थिति मानव संपदा पोर्टल और उनकी सेवापुस्तिका में अलग-अलग प्रदर्शित हो रही है। स्कूलों के रजिस्टर में भी यह भिन्नता मिली है।

Satish Chand ShuklaFri, 19 Feb 2021 09:30 PM (IST)
कमाल के हैं गुरुजी, रजिस्‍टर में उपस्थित, पोर्टल पर अवकाश Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के अवकाश में त्रुटि को लेकर शासन सख्त हो गया है। बेसिक शिक्षाधिकारियों को इसमें जल्द से जल्द सुधार कर इसकी सूचना उपलब्ध कराने को कहा है। निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों द्वारा पूर्व में लिए गए अवकाश व शेष अवकाश में मानव संपदा पोर्टल व उनकी सेवा पुस्तिका में भिन्नता मिलने पर शासन ने यह कदम उठाया है। जिन अवकाशों में भिन्नता मिली है उनमें बाल्य देखभाल अवकाश, चिकित्सीय अवकाश व मातृत्व अवकाश आदि शामिल हैं।

परिषदीय स्कूलों के कई शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों द्वारा लिए गए अवकाश और अवकाश लेखा में बचे अवकाशों की स्थिति मानव संपदा पोर्टल और उनकी सेवापुस्तिका में अलग-अलग प्रदर्शित हो रही है। यहां तक कि स्कूलों के रजिस्टर में भी यह भिन्नता मिली है। जब यह मामला शासन तक पहुंचा तो महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने सभी बीएसए को स्कूलों के अभिलेखों और शिक्षक-कर्मचारी की सेवापुस्तिका की जांच कर इसे ठीक कराने के निर्देश दिए। निर्देश में उन्होंने बीएसए को जांच कराकर शिक्षकों व कर्मचारियों द्वारा पूर्व में लिए गए बाल्य देखभाल, चिकित्सीय और मातृत्व अवकाशों की सही स्थिति मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज कराने को कहा है, ताकि बचे हुए अवकाशों की सही स्थिति पोर्टल पर प्रदर्शित हो सके।

जिले में भी आ चुके हैं मामले

शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों के अवकाश में गड़बड़ी के मामले जिले में भी आ चुके हैं।जिन ब्लाकों में इस तरह के मामले आएं है उनमें पिपराइच, कौडऱाम व बड़हलगंज आदि शामिल हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि निरीक्षण के दौरान इस तरह की त्रुटि सामने आने पर शासन ने इसमें सुधार के लिए यह कदम उठाया है। इस संबंध में महानिदेशक का निर्देश प्राप्त हो चुका है। जनपद में इस तरह के मामलों को देखकर शीघ्र ठीक कर इसकी सूचना शासन को भेज दी जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस कार्य का प्रमाणपत्र ई-मेल के जरिये महानिदेशक कार्यालय को 23 फरवरी से पहले भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

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