गोरखपुर में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा, अपराधियों को बचाने में लगी है प्रदेश सरकार

समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि सरकार ने सामाजिक न्याय की व्यवस्था पर कुठाराघात किया है। दलितों और पिछड़ों को झूठे सपने दिखा कर उनका हक छीनने का काम ही किया जा रहा है।

Rahul SrivastavaPublish: Mon, 11 Oct 2021 09:50 AM (IST)Updated: Mon, 11 Oct 2021 09:50 AM (IST)
गोरखपुर में सपा जिलाध्यक्ष ने कहा, अपराधियों को बचाने में लगी है प्रदेश सरकार

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : सरकार ने सामाजिक न्याय की व्यवस्था पर कुठाराघात किया है। दलितों और पिछड़ों को झूठे सपने दिखा कर उनका हक छीनने का काम किया है। किसान हितैषी होने का ढोंग करने वाली भाजपा सरकार सत्ता के दम पर किसानों के आंदोलन को कुचलना चाहती है। प्रदेश सरकार अपराधियों को बचाने में लगी है। यह बातें समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कही। वह बेतियाहाता स्थित पार्टी कार्यालय पर पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

महंगाई और घटती आमदनी से त्रस्त है हर वर्ग

नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि बढ़ती महंगाई और घटती आमदनी से हर वर्ग त्रस्त है। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मौर्य ने अध्यक्षता व चंद्र प्रकाश शर्मा ने संचालन किया। बैठक में अखिलेश यादव, श्रवण शर्मा, सुनील आजाद, नरसिंह यादव, रामाज्ञा मौर्य, परशुराम यादव, मैना भाई, संतोष मौर्य, गौरी यादव, हामिद अंसारी,जितेंद्र यादव, आनंद रोहित, गविश, कपिल मुनि, प्रशांत शर्मा, सुरेंद्र प्रजापति और अर्जुन यादव आदि मौजूद रहे।

उभरता क्षेत्र है मेडिकल टेक्सटाइल : डा.श्वेता

महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ में गृह विज्ञान विभाग के तत्वावधान में व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए महायोगी गुरू श्रीगोरक्षनाथ कृषि विज्ञान केंद्र की गृह वैज्ञानिक डा.श्वेता सिंह ने कहा कि मेडिकल टेक्सटाइल वर्तमान समय में लोगों की बढ़ती जरूरतों के साथ एक उभरता क्षेत्र है। यह एक विशेष प्रकार की कपड़ा संरचना होती है जिसका उपयोग मानव शरीर के अंदर विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाता है। कपड़ा प्रौद्योगिकी और चिकित्सा विज्ञान में विकास के परिणाम स्वरूप जिस नए क्षेत्र को आयाम दिया गया है, उसे मेडिकल टेक्सटाइल या मेड-टेक के रूप में जाना जाता है। संचालन स्मिता दूबे व अभार ज्ञापन शारदा रानी ने किया। संयोजन डा.सांत्वना श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान डा.नेहा कौशिक व रीतिका त्रिपाठी आदि मौजूद रहीं।

समाज में संस्कृति का संरक्षण करती है शिक्षा

शिक्षा सामाजिक नियंत्रण का ऐसा उपकरण है, जो समाज में संस्कृति का संरक्षण और उसका हस्तांतरण भी करती है। इससे सामाजिक विकास की उन्नत दशाएं प्राप्त होती है। शिक्षा ही अन्य संस्कृतियों को अंगीकृत करने में सहायक होती है। यह बातें नेशनल पीजी कालेज बड़हलगंज के सहयुक्त आचार्य डा.मनीष कुमार पांडेय ने कही। वह महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़ में शिक्षाशास्त्र विभाग के तत्वावधान में आयोजित विशिष्ट व्याख्यान को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। बीएड विभाग की सहायक आचार्य डा.अनुभा श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न व पुस्तक भेंटकर स्वागत किया। संचालन एवं संयोजन बीएड विभाग की सहायक आचार्य पुष्पा निषाद ने किया। इस अवसर पर शिक्षाशास्त्र विभाग के सभी शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।

प्रार्थना सभा में योगाभ्यास का आयोजन

महाविद्यालय में मिशन शक्ति के अंतर्गत प्रार्थना सभा में योगाभ्यास का आयोजन किया गया। जिसमें प्राणि विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य विनय ङ्क्षसह द्वारा सूक्ष्म व्यायाम का तकनीकी ज्ञान देते हुए भद्रासन, वज्रासन, अर्धउष्ट्रासन, शशकासन, मंडूकासन का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही आसन एवं योग करने से संबंधित सावधानियों और उससे होने वाले लाभ को भी बताया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Edited By Rahul Srivastava

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