Omicron Variant: मुंबई जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए अन‍िवार्य हुई आरटीपीसीआर जांच

Omicron Variant गोरखपुर से मुंबई जाने वाले यात्रियों को यात्रा शुरु करने से 48 घंटे पहले आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें सफर की इजाजत दी जाएगी। गोरखपुर से मुंबई के लिए रोजाना दो उड़ान होती है।

Pradeep SrivastavaPublish: Fri, 03 Dec 2021 12:01 PM (IST)Updated: Sat, 04 Dec 2021 10:28 AM (IST)
Omicron Variant: मुंबई जाने वाले हवाई यात्रियों के लिए अन‍िवार्य हुई आरटीपीसीआर जांच

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। ओमिक्रान को फैलने से रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने बाहर से आने वाले हवाई यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सभी एयरपोर्ट डायरेक्ट को पत्र भेजकर वहां से आने वाले यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही यात्रा शुरु करने का निर्देश दिए गए हैं।गोरखपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों को गुरुवार को इसकी जानकारी हुई जिसकी वजह से आदेश का पालन नहीं हो पाया।शुक्रवार को पूरी सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट न होने पर सफर करने की अनुमति नहीं मिलेगी।

वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वालों को भी नहीं मिलेगी छूट

मुंबई जाने वाले यात्रियों को यात्रा शुरु करने से 48 घंटे पहले आरटीपीसीआर जांच करानी होगी। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उन्हें सफर की इजाजत दी जाएगी। गोरखपुर से मुंबई के लिए रोजाना दो उड़ान होती है। सुबह 10.30 बजे स्पाइस जेट की फ्लाइट मुंबई जाती है। शाम 6.30 बजे इंडिगो का विमान मुंबई के लिए उड़ान भरता है। गुरुवार को विमानन कंपनियों ने यात्रियों को मैसेज भेजकर महाराष्ट्र सरकार के फैसले की जानकारी दी। उनसे कहा गया कि आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट होने पर ही मुंबई जाने की अनुमति दी जाएगी। वैक्सीन की दोनों डोज लगवाने वाले को भी छूट नहीं मिलेगी। गोरखपुर एयरपोर्ट के निदेशक प्रभाकर बाजेपई इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि अब बिना निगेटिव आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट के किसी भी यात्री को मुंबई के लिए बोर्ड नहीं करने दिया जाएगा। ओमिक्रान के संक्रमण को को रोकने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने यह कदम उठाया है।

आरटीपीसीआर के भराेसे कोविड जांच, एंटीजन समाप्त

कोविड संक्रमण दर कम होने के साथ ही एंटीजन किट का आना भी बहुत कम हो गया है। 16 नवंबर को 30 हजार एंटीजन जांच किट आई थी। विभाग का दावा है कि 15 हजार जांच किट बची हुई है। लेकिन स्थितियां एंटीजन किट खत्म होने की तरफ इशारा कर रही हैं। जहां भी जांच हो रही है, वहां एंटीजन से कम और आरटपीसीआर के लिए ज्यादा नमूने लिए जा रहे हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार गत 25 अकटूबर को 20 हजार व 16 नवंबर को 30 हजार एंटीजन किट आई थी। इन दोनों बार क्रमश: 24 हजार व 20 हजार आरटीपीसीआर जांच किट भी आई थी। विभाग के पास 15 हजार एंटीजन व 10 हजार आरटीपीसीआर जांच किट बची हुई है। जबकि सच्चाई यह है कि हर जगह सबसे ज्यादा नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए ही लिए जा रहे हैं।

हर बूथ पर सबसे ज्यादा लिए जा रहे आरटीपीसीआर के लिए नमूने

एक तरफ स्वास्थ्य विभाग कोविड जांच की संख्या बढ़ाने का दावा कर रहा है। दूसरी तरफ एंटीजन किट लगभग खत्म है। एंटीजन किट से जांच संख्या तेजी से बढ़ती है। क्योंकि ज्यादातर जांच इसी किट से होती है और रिपोर्ट भी मात्र 15 मिनट में मिल जाती है। इस समय ज्यादातर लोगों में न तो कोरोना संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं और न ही उनकी आरटीपीसीआर जांच कराने की जरूरत है। सबसे ज्यादा एंटीजन जांच ही होती है, संदेह होने पर आरटीपीसीआर कराई जाती है। विदेश या दूसरे राज्य जाने वालों अथवा आपरेशन कराने वालों के लिए आरटीपीसीआर जांच जरूरी है। बावजूद इसके ज्यादातर लोगों की आरटीपीसीआर जांच की जा रही है।

एक सप्ताह की जांच

तारीख आरटीपीसीआर एंटीजन

30 नवंबर 1365 1225

29 1730 1650

28 1380 1009

27 1475 1033

26 1664 1166

25 1779 1723

24 नवंबर 1670 1407

अभी हमारे पास पर्याप्त मात्रा में एंटीजन जांच किट है। मांग भी भेजी गई है। शीघ्र ही किट आ जाएगी। जांच संख्या बढ़ाई जा रही है। सरकारी व गैर सरकारी विभागों तथा निजी अस्पतालों में भी मोबाइल वैन भेजकर कोविड जांच कराई जाएगी। - डा. सुधाकर पांडेय, सीएमओ।

Edited By Pradeep Srivastava

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