सामुदायिक शौचालय का पैसा हड़प गए पंचायत सचिव

डीपीआरओ ने पांच पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में मांगा जवाब

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 07:32 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 07:32 PM (IST)
सामुदायिक शौचालय का पैसा हड़प गए पंचायत सचिव

संतकबीर नगर: जनपद में कई पंचायत सचिव सामुदायिक शौचालय बनाने के लिए मिले सरकारी पैसे को हड़प लिए है। इसके चलते सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा है। जनपद के बेलहरकला ब्लाक का ग्राम पंचायत अमरडोभा इसका उदाहरण है। वहीं डीएम, सीडीओ, प्रभारी बीडीओ की कई बार चेतावनी के बाद भी इसी ब्लाक के गंगौरा, मनैतापुर, बेलवा ठकुराई, सियाकटाई, खटियावां आदि ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों ने सामुदायिक शौचालय बनाने का काम ही शुरू नहीं किया है। बहरहाल प्रभारी डीपीआरओ ने इन ग्राम पंचायतों के पांच पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। इससे पंचायत सचिवों में खलबली मची हुई है। बेलहरकला ब्लाक के एडीओ पंचायत सभाजीत यादव ने प्रभारी डीपीआरओ को 26 नवंबर को अवगत कराया है कि उनके ब्लाक के ग्राम पंचायत अमरडोभा के तत्कालीन पंचायत सचिव सौरभ चौधरी ने सामुदायिक शौचालय बनवाने के लिए बैंक खाते से संपूर्ण धनराशि निकाल ली। इसके बाद उन्होंने मानक विहीन आधा-अधूरा सामुदायिक शौचालय बनवाया है। इसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। सरकारी धनराशि को हड़पने वाले इस पंचायत सचिव ने इसी आधा-अधूरे सामुदायिक शौचालय को समूह की एक महिला को हैंडओवर कर दिया। इस महिला को मानदेय राशि के रूप में 27 हजार रुपये भुगतान भी कर दिया। वह अपने स्तर से इस पंचायत सचिव को सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए दिशा-निर्देश देते रहे लेकिन इन पर कोई असर नहीं पड़ा। इस पर प्रभारी डीपीआरओ ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर जवाब मांगा है। जबकि डीएम, सीडीओ व प्रभारी बीडीओ की कई बार चेतावनी के बाद भी इस ब्लाक के गंगौरा व मनैतापुर के पंचायत सचिव चंदन सिंह, बेलवा ठकुराई के पंचायत सचिव देव प्रताप सिंह, सियाकटाई के पंचायत सचिव विपिन चंद्र व खटियावां के पंचायत सचिव सुशील कुमार सिंह ने सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया है। इस पर इन सभी पंचायत सचिवों को प्रभारी डीपीआरओ ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य शासन की अति महत्वाकांक्षी कार्यक्रमों में शामिल है। इसमें वित्तीय अनियमितता और लापरवाही कदापि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पांच पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

राजेंद्र प्रसाद, प्रभारी डीपीआरओ

Edited By Jagran

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