महराजगंज में चार वर्षों से अधर में लटका नवनिर्मित पोस्टमार्टम हाउस

जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में ब्लड बैंक के बगल में 68 लाख की लागत से वर्ष 2017 में दो मंजिला भवन खड़ा कर दिया गया। इसमें भू-तल पर पोस्टमार्टम कक्ष एक्सरे केमिकल बाडी स्टोरेज पुलिस बिसरा व डाक्टर कक्ष बनाया गया है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Mon, 24 Jan 2022 08:15 AM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 08:15 AM (IST)
महराजगंज में चार वर्षों से अधर में लटका नवनिर्मित पोस्टमार्टम हाउस

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। महराजगंज के जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में नवनिर्मित वातानुकूलित पोस्टमार्टम हाउस चार वर्षों से अधर में लटका है। भवन बनकर तैयार है। लेकिन इसके अंदर अभी खामियां है। अधिकारियों में जो इच्छा शक्ति होनी चाहिए, उसके अभाव के कारण इसे अभी तक चालू नहीं किया जा सका।

2017 में शुरू हुआ था पोस्‍टमार्टम भवन का निर्माण

जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में ब्लड बैंक के बगल में 68 लाख की लागत से वर्ष 2017 में दो मंजिला भवन खड़ा कर दिया गया। इसमें भू-तल पर पोस्टमार्टम कक्ष, एक्सरे, केमिकल, बाडी स्टोरेज, पुलिस, बिसरा व डाक्टर कक्ष बनाया गया है। जबकि प्रथम तल पर सेमीनार कक्ष, फोटो ग्राफी कक्ष, आफिस, आगंतुक कक्ष, रिकार्ड रूम और टायलेट आदि की व्यवस्था है।

मानक के अनुरूप नहीं हुआ है सीमेंटेड बेडों का निर्माण

चार शव को सुरक्षित रखने के लिए डीप फ्रीजर, उपकरण भी उपलब्ध है। एक साथ दो शवों के पोस्टमार्टम की व्यवस्था बनाई गई है। लेकिन जिस सीमेंटेड बेडों पर पोस्टमार्टम किया जाना है। वह मानक के अनुसार नहीं है। जिसके कारण उस पर शव का चीरफाड़ करना संभव नहीं है। यह जानते हुए भी अधिकारी इसे ठीक कराने में चार वर्ष का समय गुजार दिए।

पुराने पीएम हाउस में हो रहा काम

महराजगंज: करीब 68 लाख खर्च कर तैयार किया गया वातानुकूलित पोस्टमार्टम हाउस चालू न होने से बेमतल साबित हो रहा है। यहां शव के चीरफाड़ का काम पुराने ही पोस्टमार्टम हाउस में किया जा रहा है। नए भवन में शव के पोस्टमार्टम का कार्य नहीं होने से उपकरण जहां बर्बाद हो रहे हैं, वही परिसर में झाड़ झंखाड़ उग आए हैं और एसी घास फूस से घिरे हैं।

कमियों को दूर कराकर एक सप्‍ताह में चालू हो जाएगा पोस्‍टमार्टम हाउस

मुख्‍य चिकित्‍साधिकारी डा. एके श्रीवास्‍तव ने कहा कि पोस्टमार्टम हाउस बनकर तैयार हो गया है। इसकी बाउंड्री भी करा दी गई है। अंदर कुछ कमियां है, उसे ठीक कराकर एक सप्ताह में इसे चालू करा दिया जाएगा।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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