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बस कोरोना के मरीजों का हो रहा इलाज, बाकी मरीज हो रहे बेहाल Gorakhpur News

कोरोना वायरस के चलते आम मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। जिला अस्पताल में न तो समय से इलाज मिल पा रहा है न ही समय से चिकित्‍सक उपलब्‍ध हो रहे हैं।

Pradeep SrivastavaMon, 15 Jun 2020 09:21 PM (IST)
बस कोरोना के मरीजों का हो रहा इलाज, बाकी मरीज हो रहे बेहाल Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। जिला अस्पताल की इमरजेंसी सेवा को भी कोरोना ने बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अस्पताल पहुंच रहे इमरजेंसी मरीजों को भी चिकित्सीय सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। मरीज तो भर्ती हो रहे हैं, लेकिन उन्हें देखने के लिए समय से डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। ऑपरेशन के लिए भर्ती मरीजों की कोरोना जांच के लिए पांच दिन बाद भी सैंपल नहीं लिए गए हैं।

ट्यूमर के ऑपरेशन को पांच दिन से भर्ती महिला का नहीं लिया गया कोरोना जांच का सैंपल

महिला आर्थो वार्ड में रविवार को करीब 15 मरीज भर्ती मिले। खरैला, सहजनवां की सुनीता सिंह ट्यूमर के ऑपरेशन के लिए पांच दिन से भर्ती हैं। सरकार की गाइडलाइन है कि ऑपरेशन से पहले मरीज की कोरोना जांच अनिवार्य है। अभी तक उनका सैंपल नहीं लिया गया है। जबकि सरकार ने ऐसे मरीजों की जांच के लिए एक ट्रूनेट मशीन भी जिला अस्पताल को दे दी है। पांडेयहाता की अंजना वर्मा पांच दिन पहले छत से सिर के बल नीचे गिर गईं थीं। सिर में दर्द है। कुछ भी खाने पर उल्टी हो जा रही है। जी मिचलाता रहता है। वह तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती हुईं, लेकिन रविवार को डॉक्टर उनके पास पहुंचे व दवा लिखी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने दवा तो लिख दी, लेकिन सीटी स्कैन नहीं लिखा। देखते हैं, उसके लिए कई दिन इंतजार करना पड़ता है।

बाहर से आए मरीजों की हो रही देखभाल

दिल्ली, मुंबई से आए 10 मरीज जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती मिले। कोरोना जांच के लिए उनके सैंपल लिए जा चुके हैं। शनिवार को आए मरीजों के सैंपल अभी नहीं लिए गए हैं। रविवार दोपहर करीब 12 बजे फिजीशियन डॉ.बीके सुमन दिल्ली से आए मियां बाजार निवासी एक मरीज को देख रहे थे। स्टॉफ नर्स शोभा पांडेय भी थीं। मरीज दो जून को दिल्ली से आया था। बुखार होने पर 11 जून को अस्पताल में भर्ती हुआ था। बगल में दिल्ली से आए दो सगे भाई भर्ती हैं। जिसमें से एक को बुखार, कफ व सांस फूलने की समस्या है। दोनों के सैंपल अभी जांच के लिए नहीं भेजे गए हैं।

कोरोना जांच ऑपरेशन के तुरंत पहले कराई जाती है। एक ही ओटी में सर्जरी व आर्थो के ऑपरेशन हो रहे हैं, इसलिए समय लग रहा है। दो दिन बाद आर्थो की ओटी तैयार हो जाएगी। तब ऑपरेशन तेजी से होंगे। छत से गिरी महिला को देखने के लिए कल सर्जन व फिजीशियन दोनों को भेजा था। यदि महिला का आरोप सही है, तो इसकी जांच कराई जाएगी और संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।  - डॉ.सतीश चंद्र श्रीवास्तव, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक 

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