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यहां जनरेटर मिल जाए तो हर घंटे मिलने लगेगा 180 लीटर आक्‍सीजन Gorakhpur News

संयुक्त जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर में गंभीर मरीजों को आक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन पांच वर्ष पूर्व बिछाई गई जिसमें 2.90 करोड़ रुपये खर्च हुआ पर जनरेटर न होने से आक्सीजन सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो पाई।

Rahul SrivastavaSun, 25 Apr 2021 02:30 PM (IST)
यहां जनरेटर मिल जाए तो हर घंटे मिलने लगेगा 180 लीटर आक्‍सीजन Gorakhpur News

तेज प्रकाश त्रिपाठी, गोरखपुर : कोरोना संक्रमितों को आक्सीजन नहीं मिल रही है। इस तरह की खबरें इंटरनेट मीडिया का हिस्सा बन चुकी हैं। संयुक्त जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर में गंभीर मरीजों को आक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन पांच वर्ष पूर्व बिछाई गई, जिसमें 2.90 करोड़ रुपये खर्च हुआ, पर जनरेटर न होने से आक्सीजन सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो पाई। करोड़ों खर्च कर पाइपलाइन प्रोजेक्ट लगाया गया है, पर यह अब भी अधूरा है। वार्ड में आक्सीजन सप्लाई के लिए जनरेटर नहीं है। यदि जनरेटर लग जाता तो मरीजों के लिए हर मिनट तीन लीटर आक्सीजन उपलब्ध होता।

15 दिन का स्‍टाक है मौजूद

सिर्फ एक हिस्से में स्थापित आइसीयू एवं एसएनसीयू में पाइपलाइन से आक्सीजन की सप्लाई सिलेंडर को जोड़कर की जा रही है। यदि अस्पताल के सभी वार्डों में पाइप लाइन से आक्सीजन की सप्लाई हो तो हर दिन डेढ़ सिलेंडर अतिरिक्त खर्च होगा। इस कारण वार्डों में सिलेंडर से आक्सीजन सप्लाई होती है। इसके लिए गैर जनपद से आक्सीजन सिलेंडर हर पखवारा भरवाकर मंगवाना पड़ता है। इस वक्त स्टोर में 15 दिन का स्टाक मौजूद है। इनमें 22 छोटे एवं 30 मेगा सिलेंडर है। हर माह 50 मेगा व 22 से 25 छोटे सिलेंडरों आक्सीजन की खपत होती है।

इन जिलों में लगनी है जनरेटर

पिछले वर्ष कोविड संक्रमण फैलने पर केंद्र सरकार ने देश भर के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के साथ उत्तर प्रदेश के 11 अस्पतालों में आक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता के लिए आक्सीजन प्लांट की स्थापना कराने का आदेश दिया था। इसमें सिद्धार्थनगर के साथ चंदौली, मिर्जापुर, फतेहपुर, बलरामपुर, चित्रकूट, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर के साथ कानपुर नगर और लखनऊ के एक-एक अस्पताल चयनित किए गए थे। यहां जनरेटर रखने के लिए कक्ष का निर्माण भी हो चुका है, पर अभी तक जनरेटर नहीं मिल पाया।

शासन को पत्र लिखकर की गई है जनरेटर की डिमांड

अस्पताल मैनेजर डा. अनूप यादव ने कहा कि अस्पताल में आक्सीजन सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है। जनरेटर नहीं होने से यह संचालित नहीं हो सका। करीब तीन माह पूर्व शासन को पत्र लिखकर जनरेटर की डिमांड की गई है।

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