मकान बड़ा, कर हुआ कम तो नपेंगे जिम्मेदार

पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी नगर आयुक्त से एसीएस कर वसूली के संबंध में बात कर रहे थे। एसीएस ने कहा कि संपत्ति का मूल्यांकन मकान मालिक से दूरभिसंधि कर तीन-तीन गुना कम निर्धारित किया गया है। इससे नगर निगम की आय कम हो रही है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Thu, 27 Jan 2022 04:22 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 04:22 PM (IST)
मकान बड़ा, कर हुआ कम तो नपेंगे जिम्मेदार

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। मकान का ज्यादा क्षेत्रफल होने के बाद भी कम कर निर्धारण अब भारी पड़ेगा। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) नगर विकास डा.रजनीश दुबे की नाराजगी के बाद नगर आयुक्त ने सभी राजस्व और कर निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र की 25-25 बड़ी संपत्तियों की जांच के निर्देश दिए हैं। संपत्ति की जांच के साथ ही ज्यादा क्षेत्रफल मिलने पर तत्काल कर भी बढ़ाना होगा। जिन इलाकों में कम कर बढ़ेगा वहां की जांच नगर आयुक्त की ओर से गठित टीम करेगी।

नगर आयुक्‍तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग में एसीएस ने दिया निर्देश

पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी नगर आयुक्त से एसीएस कर वसूली के संबंध में बात कर रहे थे। एसीएस ने कहा कि संपत्ति का मूल्यांकन मकान मालिक से दूरभिसंधि कर तीन-तीन गुना कम निर्धारित किया गया है। इससे नगर निगम की आय कम हो रही है। उन्होंने नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि वह सभी बड़ी संपत्तियों की हर हाल में जांच कराएं और संतुष्ट न होने पर खुद भी जांच करें। साथ ही नियमित अंतराल पर कर वसूली व निर्धारण की भी समीक्षा के निर्देश दिए।

कर्मचारियों की संपत्ति पर रखें नजर

एसीएस डा.रजनीश दुबे ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में कहा कि प्रदेश में नगर विकास विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की संपत्ति उसकी आय से कई गुना ज्यादा है। इसकी विजिलेंस जांच कराई जा रही है। उन्होंने सभी कर्मचारियों की संपत्ति पर नजर रखने को कहा। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार को प्रति जीरो टालरेंस रखा जाता है। यदि किसी के खिलाफ वसूली की सूचना मिली तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जोन तीन की वसूली कम, बढ़ाए गए कर्मचारी

जोन संख्या तीन में कर की वसूली कम होने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अमीन अवध श्रीवास्तव को वार्ड नंबर 62, मुंशी ज्ञानप्रकाश पांडेय को वार्ड नंबर 69 की जिम्मेदारी दी है। नगर आयुक्त ने बताया कि जोन नंबर तीन में वसूली कम हो रही है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को नए सिरे से जिम्मेदारी दी गई है। जोन संख्या तीन में सिविल लाइन प्रथम, सिविल लाइन द्वितीय, दिलेजाकपुर, धर्मशाला बाजार, दीवान बाजार, कल्याणपुर, पुर्दिलपुर, इलाहीबाग, तिवारीपुर, अलीनगर, मुफ्तीपुर, जाफरा बाजार, इस्माइलपुर, मियां बाजार, मिर्जापुर और नरसिंहपुर वार्ड शामिल हैं।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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