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अस्‍पताल में भर्ती पति को नहीं मिला आक्‍सीजन, पत्‍नी ने फंदे से लटककर जान दे दी Gorakhpur News

गोरखपुर में हास्पिटल में भर्ती पति की हालत गंभीर होने पर महिला ने फंदे से लटककर जान दे दी। स्थानीय लोगों के सूचना देने पर पहुंची चिलुआताल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। महिला चौरीचौरा क्षेत्र की रहने वाली थी।

Pradeep SrivastavaThu, 29 Apr 2021 07:37 PM (IST)
अस्‍पताल में भर्ती पति को नहीं मिला आक्‍सीजन, पत्‍नी ने फंदे से लटककर जान दे दी Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। गोरखपुर के चिलुआताल क्षेत्र में हास्पिटल में भर्ती पति की हालत गंभीर होने पर महिला ने फंदे से लटककर जान दे दी। स्थानीय लोगों के सूचना देने पर पहुंची चिलुआताल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। महिला चौरीचौरा क्षेत्र की रहने वाली थी। एक सप्ताह पहले उसके ससुर की मौत हो गई थी। सास की तबीयत भी खराब है। जिसको लेकर वह परेशान थी।

एक सप्‍ताह से खराब थी तबियत

चौरीचौरा थाना क्षेत्र के बदुरहिया निवासी संदीप चन्द्र पाल की तबीयत एक सप्ताह से खराब है। दो दिन पहले सांस लेने में तकलीफ होने पर स्वजन ने उसे मानबेला के पास स्थित गोल्डेन हास्पिटल में भर्ती कराया था। बुधवार की दोपहर में संदीप की तबीयत खराब हो गई। डाक्टर ने इसकी जानकारी संदीप की पत्नी 28 वर्षीय सरिता को दी। संदीप के ससुर जोगिंदर पाल को आक्सीजन लाने के लिए हास्पिटल के कर्मचारी संग गीडा भेज दिया।

पति की तबीयत खराब होने की सूचना से परेशान सरिता ने शाम चार बजे हास्पिटल के पीछे खाली प्लाट में बने टीनशेट की पाइप में दुपट्टा बांध फंदे से लटक गई। पुलिस के सूचना देने पर पहुंचे जोगिंदर ने बताया कि एक सप्ताह पहले संदीप के पिता रामप्रताप की मौत हुई थी। पति स्थिति गंभीर होने और सास की तबीयत खराब होने की वजह से वह परेशान थी।

घर बैठे मिलेगी अस्पताल जैसी सुविधा

कोविड संकट के बीच लोगों को राहत पहुचाने के लिए आर्यन हास्पिटल ने एक योजना तैयार की है। दवाइयों से लेकर जांच, आक्सीजन और बाईपैप तक की सुविधा घर पर ही लोगों को मिल जाएगी। टेलीमेडिसिन और जूम वीडियो एप के जरिये हर मरीज की विशेषज्ञ डाक्टर 24 घंटे निगरानी करेंगे। यह बातें हास्पिटल के निदेशक डा. डीपी सिंह ने कही।

बुधवार को जूम मीटिंग में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस योजना को लांच करने का मकसद मृत्यु दर को रोकना है। अस्पतालों में बेड की कमी और आक्सीजन की मांग काफी बढ़ गई है। घर पर ही अस्पतालों में होने वाले खर्च के सिर्फ 10 फीसद में ही सभी सुविधाएं आम आदमी को हासिल हो सकेंगी।

Edited By: Pradeep Srivastava

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