शहर में नहीं दिखेंगी हाइटेंशन लाइनें, होंगी अंडरग्राउंड, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू

शहर में पोल पर हाइटेंशन लाइनें नहीं दिखेंगी। इन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल के जरिये आपूर्ति दी जाएगी। अभी 25 से ज्यादा मोहल्लों से बिजली की हाइटेंशन लाइनें गुजरी हैं। बिजली निगम हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गया है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Thu, 11 Nov 2021 04:25 PM (IST)Updated: Thu, 11 Nov 2021 04:25 PM (IST)
शहर में नहीं दिखेंगी हाइटेंशन लाइनें, होंगी अंडरग्राउंड, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की तैयारी शुरू

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। शहर में पोल पर हाइटेंशन लाइनें नहीं दिखेंगी। इन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल के जरिये आपूर्ति दी जाएगी। अभी 25 से ज्यादा मोहल्लों से बिजली की हाइटेंशन लाइनें गुजरी हैं। बिजली निगम हाइटेंशन लाइनों को हटाने के लिए प्रस्ताव बनाने में जुट गया है। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल के जरिये आपूर्ति दी जाएगी। इससे न सिर्फ करंट लगने की आशंका खत्म हो जाएगी, वरन पोल हट जाने से यातायात भी सुगम होगा।

भविष्‍य की जरूरतों के अनुसार रणनीति बनाने में जुटा विभाग

बिजली निगम रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत भविष्य की जरूरतों के अनुसार बिजली आपूर्ति की रणनीति बनाने में जुटा है। केंद्र सरकार की इस योजना में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए उपकरणों की क्षमता वृद्धि के साथ ही उपभोक्ताओं को सुरक्षित आपूर्ति देने का लक्ष्य रखा गया है। जिन हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल बिछाने की योजना बनाई जा रही है उनमें 33 हजार और 11 हजार की लाइनें हैं। घरों में हैं हाइटेंशन लाइन के पोल शहर के कई घरों में हाइटेंशन लाइन के पोल लगे हैं।

कई इलाकों में घरों के ऊपर से गए हैं हाइटेंशन तार

बिजली निगम के अफसरों का कहना है कि पहले हाइटेंशन लाइनें शहर के बाहरी इलाकों से गुजारी जाती थीं। समय के साथ शहर का विस्तार हुआ तो वह प्लाट भी बिक गए जहां से हाइटेंशन लाइनें गुजारी गई हैं। लोगों ने हाइटेंशन लाइनों के नीचे मकान बनवा लिए। कई घरों के अंदर पोल आ गए। शाहपुर के सरस्वतीपुरम समेत कई इलाकों में हाइटेंशन लाइनें घरों के ऊपर से गुजरती हैं। इन इलाकों में ज्यादातर लोग अपने छतों पर भी नहीं जाते हैं।

यह बदलने की है योजना

33 केवी की लाइन - 135.7 किलोमीटर

11 केवी की लाइन - 528.06 किलोमीटर

पांच मोहल्लों में चल रहा काम, 60.50 लाख लागत

खोराबार उपकेंद्र से जुड़े मालवीय नगर में 16 पोल हटाकर 1.20 किलोमीटर केबिल लगेगी

पीएसी फीडर से जुड़े सरस्तीपुरम फेज-एक में 22 पोल हटाकर 1.50 किमी केबिल बिछाई जाएगी

गायत्रीपुरम में 20 पोल हटाकर दो किमी केबिल बिछाई जाएगी

पाल शिफ्ट कर बिछाई जाएगी केबिल

अधीक्षण अभियंता शहर यूसी वर्मा ने बताया कि राजेंद्रनगर और चित्रगुप्त नगर में भी पोल शिफ्ट कर केबिल बिछाई जाएगी। हालांकि चित्रगुप्त नगर में नागरिकों के विरोध के कारण काम ठप है हाइटेंशन लाइनों को हटाकर अंडरग्राउंड केबिल के जरिये आपूर्ति देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए डीपीआर बनाने का काम एजेंसी करेगी। एजेंसी चयन के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी कार्यालय टेंडर जारी किया गया है।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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