मतदाता सूची में नाम में गलतियों की भरमार, बजने लगी टोल फ्री नंबर की घंटी

सत्येंद्र कुमार के नाम से कुमार गायब हो गया तो उन्होंने चुनाव नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर पर फोन कर नाम सुधारने का अनुरोध किया। कैंपियरगंज क्षेत्र की कोमल की शिकायत थी कि उनका नाम कोमला हो गया है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Tue, 18 Jan 2022 04:37 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jan 2022 04:37 PM (IST)
मतदाता सूची में नाम में गलतियों की भरमार, बजने लगी टोल फ्री नंबर की घंटी

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। सत्येंद्र कुमार के नाम से कुमार गायब हो गया तो उन्होंने चुनाव नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर पर फोन कर नाम सुधारने का अनुरोध किया। कैंपियरगंज क्षेत्र की कोमल की शिकायत थी कि उनका नाम 'कोमला' हो गया है। सत्येंद्र व कोमल के साथ सैकड़ों ऐसे लोग थे, जिनके नाम मतदाता सूची में गलत दर्ज हो गए थे।

नियंत्रण कक्ष में फोन कर दर्ज करा रहे शिकायत

किसी के नाम के आगे से कुमार गायब हो गया तो किसी के नाम में यह शब्द जुड़ गया। नियंत्रण कक्ष में फोन करने पर उनकी शिकायतें दर्ज की गईं और अधिकतर की शिकायतों का निस्तारण भी किया जा चुका है।

मतदाता सूची का हो चुका है प्रकाशन

विधानसभा चुनाव-2022 के लिए संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन किया जा चुका है। मतदाता सूची में किसी तरह की गड़बड़ी व अन्य शिकायतों के निस्तारण के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में चुनाव नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। यहां टोल फ्री नंबर पर फोन कर लोग शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

अब दर्ज की जा चुकी हैं 1396 शिकायतें

नियंत्रण कक्ष के तकनीकी प्रभारी नीरज श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक जिले के विभिन्न स्थानों से फोन कर लोगों ने 1396 शिकायतें दर्ज कराई हैं। इनमें से 1369 का निस्तारण भी किया जा चुका है। अभी भी करीब 27 शिकायतें लंबित हैं, उन्हें संबंधित बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) के पास भेज दिया गया है। जल्द ही इन शिकायतों का भी निस्तारण कर दिया जाएगा।

ऐसे हो रहा शिकायतों का निस्तारण

नियंत्रण कक्ष में आने वालीं शिकायतें नोट की जा रही हैं। उसके बाद ब्लाकवार उसे अलग किया जा रहा है। शिकायतें अलग-अलग होने के बाद उसे संबंधित बीएलओ के पास भेज दिया जा रहा है। बीएलओ के स्तर से शिकायतों का निस्तारण कर नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी जाती है। उसके बाद नियंत्रण कक्ष में कार्यरत कर्मी उस शिकायत को बंद कर देते हैं यानी उसका निस्तारण हो जाता है।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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