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बजट खर्च ही नहीं किया और बीआरसी पर हो गया निष्ठा प्रशिक्षण Gorakhpur News

कस्तूरबा विद्यालयों में निष्ठा प्रशिक्षण में सामग्रियों को क्रय करने के लिए बजट दिया गया था। टीएलएम फर्नीचर समेत अन्य सामग्रियों की खरीदारी करनी थी जिसमें से कुछ तो जैसे-तैसे खर्च किए गए वहीं अभी भी शेष बजट यथावत है।

Satish Chand ShuklaFri, 12 Feb 2021 03:35 PM (IST)
बजट खर्च ही नहीं किया और बीआरसी पर हो गया निष्ठा प्रशिक्षण Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। शासन ने निष्ठा प्रशिक्षण में सामग्रियों को क्रय करने के लिए बीआरसी को बजट अवमुक्त किए थे, लेकिन अभी तक उस बजट का उपयोग नहीं किया गया। बिना धन खर्च किए गए ही प्रशिक्षण पूरा हो गया। जबकि कस्तूरबा विद्यालयों में टीएलएम, फर्नीचर समेत अन्य सामग्रियों की खरीदारी के लिए बजट दिए गए थे, जिसमें से कुछ तो जैसे-तैसे खर्च किए गए वहीं अभी भी शेष बजट यथावत है। एडी बेसिक डा.एसपी त्रिपाठी ने जब जिले के बीआरसी व कस्तूरबा विद्यालयों का निरीक्षण किया तो यहां व्याप्त अनियमिता की पोल खुल गई।

एडी बेसिक ने बीईओ कार्यालय सरदारनगर, पिपराइच, ब्रह्मपुर, पिपरौली व कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। पिपराइच में दोपहर बारह बजे बीआरसी बंद मिला। वहां कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं मिला। जिस पर नाराजगी जताते हुए एडी बेसिक ने बीइओ के विरुद्ध निलंबन की संस्तुति की है। यहां कार्यालय में अव्यवस्था मिली। पिपरौली कस्तूरबा में 3.30 बजे कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। सिर्फ चौकीदार के भरोसे विद्यालय छोड़कर सभी वार्डेन समेत सभी शिक्षक अनुपस्थित मिले। जिस पर उन्होंने सभी शिक्षकों-कर्मचारियों का वेतन रोकने का बीएसए को निर्देश  दिया।

मंगाए गए बीआरसी व कस्तूरबा से बिल बाउचर

बीआरसी में निष्ठा प्रशिक्षण के दौरान सामग्री क्रय करने आदेश था। निरीक्षण के दौरान जहां-जहां प्रथम ²ष्टया अनियमितता मिली है वहां से एडी बेसिक ने बिल बाउचर कार्यालय मगाएं हैं, जिनकी वह जांच करेंगे। जांच में दोषी पाएं जाने वाले संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।

एडी बेसिक डा.एसपी त्रिपाठी का कहना है कि शासन ने बीआरसी व कस्तूरबा विद्यालयों के निरीक्षण का निर्देश दिया था। कस्तूरबा विद्यालयों में शासन से जो पैसा सामग्री क्रय करने के लिए मिला था उसका सत्यापन किया गया। सत्यापन में पाया गया कि सत्र समाप्त होने को है, लेकिन अभी तक कोई सामग्री कही क्रय नहीं की गई। इससे यह प्रतीत होता है कि अंतिम समय में बजट न लौट पाने की स्थिति में गड़बड़ी करने की संभावना है। इसलिए उनसे सभी कागजात मंगाए गए हैं। जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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