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BRD Medical College Gorakhpur के बाहर तड़पकर दम तोड़ रहे कोरोना संक्रमित, नहीं मिल रहा बेड

BRD Medical College Gorakhpur के कोरोना वार्ड में भर्ती होने के इंतजार में मरीज अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दे रहे हैं। तीन से छह घंटे तक मरीज एंबुलेंस में मरीज इंतजार कर रहे हैं बावजूद इसके उन्हें जगह नहीं मिल रही है।

Pradeep SrivastavaWed, 05 May 2021 08:30 AM (IST)
BRD Medical College Gorakhpur के बाहर तड़पकर दम तोड़ रहे कोरोना संक्रमित, नहीं मिल रहा बेड

गोरखपुर, जेएनएन। बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड में भर्ती होने के इंतजार में मरीज अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दे रहे हैं। स्वजन की आंखों से आंसू झर रहे हैं। गला रुंधा हुआ है। तीन से छह घंटे तक मरीज एंबुलेंस में मरीज इंतजार कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें जगह नहीं मिल रही है। इनमें से कुछ मरीजों की इंतजार करते-करते मौत हो जा रही है। मंगलवार को कुशीनगर के एक मरीज ने एंबुलेंस में दो घंटे इंतजार के बाद दम तोड़ दिया।

दो घंटे एंबुलेंस मेंं इंतजार के बाद कुशीनगर के मरीज को नहीं मिला बेड

मंगलवार को दोपहर बाद तीन बजे के लगभग 300 बेड कोरोना वार्ड के सामने अनेक मरीज भर्ती होने के लिए एंबुलेंस में इंतजार कर रहे थे। हाटा के परसौनी (कुशीनगर) निवासी संक्रमित राजकुमार भारती को हाटा स्वास्थ्य केंद्र ने मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया था। स्वजन उन्हें लेकर दोपहर बाद एक बजे मेडिकल कालेज पहुंच गए। काउंटर पर बताया गया कि बेड नहीं है। वे सिफारिश करते रहे। बाहर के डाक्टरों से भी सिफारिश कराई लेकिन काउंटर से कोई आश्वासन नहीं मिला।

दोपहर बाद तीन बजे उनकी मृत्यु हो गई। वह सरकारी एंबुलेंस से आए थे लेकिन मृत्यु के बाद स्वजन उन्हें निजी एंबुलेंस से लेकर घर गए। स्वजन के अनुसार बार-बार यही बताया जाता था कि न तो बेड है न ही आक्सीजन। जबकि दो लोग कार से आए थे और वार्ड से आक्सीजन सिलेंडर लेकर चले गए। अनेक मरीज आए और उन्हें तत्काल भर्ती कर लिया गया। स्वजन ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही व भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उनका कहना है कि गरीबों की यहां पूछ नहीं है। केवल उनके लिए जगह नहीं मिल रही है।

स्ट्रेचर पर एक-एक घंटे कर रहे प्रतीक्षा

अस्पताल के बाहर पेड़ की छांव में देवरिया के एक संक्रमित स्ट्रेचर पर लेटे भर्ती होने का आधां घंटे से इंतजार कर रहे थे। अस्पताल के काउंटर के सामने दो एंबुलेंस खड़ी थी। दोनों में मरीज लेटे थे। उन्हें आक्सीजन लगा हुआ था। एक मरीज डुमरियागंज का था जो बस्ती जिला अस्पताल से रेफर हो होकर आया था। वह मेडिकल कालेज में सुबह नौ बजे आ गया और दोपहर बाद तीन बजे तक बेड नहीं मिल पाया था। दूसरा मरीज संत कबीर नगर का था जो तीन घंटे से एंबुलेंस में था और स्वजन बेड खाली होने का इंतजार कर रहे थे। प्रसव के लिए 10 नंबर बोरिंग निवासी एक महिला भी आधा घंटे से अस्पताल के बाहर इंतजार कर रही थी।

कोरोना अस्पताल में गरीबों को कोई जगह नहीं है। इंतजार करते-करते मेरे मरीज ने दम तोड़ दिया। हम लोग गुहार लगाते रह गए। किसी ने नहीं सुनी। यहां पूरी तहर भ्रष्टाचार व्याप्त है। हमसे कहा गया कि आक्सीजन नहीं है और मेरे सामने दो लोग आए और कार में आक्सीजन सिलेंडर लेकर चले गए। - दिनेश चंद, परसौनी के मृतक के रिश्तेदार

एक महिला मरीज को प्रसव के लिए लेकर आए हैं। पहले ट्रामा सेंटर गए थे। वहां से कोरोना वार्ड भेज दिया गया है। आधा घंटा हो गया है। अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि आप का मरीज वेटिंग लिस्ट में 12वें नंबर पर है। केवल इंतजार ही अपने हाथ में है। - राकेश सोनकर, 10 नंबर बोरिंग

सोमवार की रात को लगभग 11 बजे हम लोग मरीज को लेकर बस्ती जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से मेडिकल कालेज के लिए रेफर कर दिया गया। मंगलवार को सुबह नौ बजे हम लोग यहां आ गए। लेकिन अभी तक बेड नहीं मिला है। एंबुलेंस में ही उन्हें आक्सीजन दिया जा रहा है। - राहुल, डुमरियागंज

तीन घंटे से मरीज को एंबुलेंस में रखे हैं। काउंटर से बताया जा रहा है कि बेड खाली होते ही भर्ती कर लिया जाएगा। अब उम्मीद बढ़ गई है कि शीघ्र ही भर्ती कर लेंगे। वार्ड के अंदर मरीज को ले जाने के लिए आक्सीजन सिलेंडर मांगा जा रहा है, लेकिन कोई सुन नहीं रहा है। - डा. मनोज कुमार, संत कबीर नगर

सभी बेड फुल हैं। जब किसी की मृत्यु हो रही है या कोई डिस्चार्ज हो रहा है तभी बेड खाली हो रहा है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की भी मजबूरी है कि मरीजों को कैसे भर्ती करे। बेड खाली हो रहे हैं तो मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। मेरी पूरी संवेदना मरीजाें के साथ है। - डा. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कालेज।

Edited By: Pradeep Srivastava

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