नियमित कसरत और पौष्टिक आहार लेकर ठंड में रक्तवाहिनियां को सिकुड़ने से बचाकर रहे सेहतमंद

मेडिकल कालेज के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. केके यादव का कहना है कि ठंड में पहले लगी चोट के स्थान पर अक्सर लोगों को दर्द होता है। ऐसे अंगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना चाहिए। धूप हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है।

Navneet Prakash TripathiPublish: Thu, 27 Jan 2022 05:21 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 05:21 PM (IST)
नियमित कसरत और पौष्टिक आहार लेकर ठंड में रक्तवाहिनियां को सिकुड़ने से बचाकर रहे सेहतमंद

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। सर्दियों में बरसों पुरानी चोट भी फिर से जाग जाती है यानी अगर आपको शरीर के किसी अंग पर गुम चोट लगी हो, तो सर्दियों में उसका दर्द फिर से उभर आता है, जोड़ों का दर्द ऐसा ही एक दर्द है। जोड़ों में दर्द होने की कई वजह हो सकती है, अगर आपको भी सर्दियों में ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह सर्दी के मौसम में तापमान में कमी के चलते जोड़ों की रक्तवाहिनियां यानी ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं। उस हिस्से में खून का तापमान कम हो जाता है, जिसके चलते जोड़ों में अकड़न होने के साथ दर्द महसूस होने लगता है। इससे बचकर खुद को सेहतमंद रह सकते हैं। सिद्धार्थनगर मेडिकल कालेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. केके यादव बताते हैं कि नियमित कसरत और पौष्टिक आहार लेकर ठंड में रक्तवाहिनियां को सिकुड़ने से बचाकर रहे सेहतमंद रहा जा सकता है।

धूप का करें सेवन

मेडिकल कालेज के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. केके यादव का कहना है कि ठंड में पहले लगी चोट के स्थान पर अक्सर लोगों को दर्द होता है। ऐसे अंगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना चाहिए। धूप हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाती है। धूप में बैठने से रक्तशोध बढ़ता है और जोड़ों के दर्द और सूजन से मुक्ति मिलती है।

विटामिन डी की भरपूर खुराक से दर्द से मिलती है निजात

ठंड के दिनों में यदि विटमिन डी की भरपूर खुराक ली जाए तो कमर दर्द और जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। लगातार कई घंटों तक एक ही कुर्सी और कंप्यूटर के आगे बैठे-बैठे आपके जोड़ अकड़ जाते हैं, इसलिए अाफिस में हर आधे घंटे या एक घंटे में सीट छोड़कर सात -मिनट के लिए घूमे-फिरें, शरीर को स्ट्रेच करें। विशेषज्ञ की देखरेख में ही एक्सरसाइज और योग करें।

दर्द से बचाव के लिए यह भी करें उपाय

-नियमित कसरत और पौष्टिक आहार लेने से आप जोड़ों में फ्लेक्सिबिलिटी को बरकरार रख सकते हैं।

-जोड़ों के दर्द में कई महत्वपूर्ण आसन या योग, जैसे गिद्घासन व प्राणायाम मदद करते हैं।

-सुबह की गुनगुनी धूप को विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है।

-महिलाएं ऊंची हील की सैंडिल पहनने से बचें। इससे एड़ी, घुटने और पिंडलियों के साथ कमर पर भी असर पड़ता है।

Edited By Navneet Prakash Tripathi

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