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गोरखपुर के लापता 11 शिक्षकों के घर का पता ढूढ़ रहा बेसिक शिक्षा विभाग

गलत पता होने के कारण इन शिक्षकों का नोटिस बीएसए कार्यालय में वापस लौट आया है। नोटिस का जवाब देने वाले शिक्षकों के मामले में बीएसए ने जहां शासन से मार्गदर्शन मांगा हैं वहीं जिन शिक्षकों के नोटिस गलत पता के चलते वापस लौट आया है।

Satish Chand ShuklaThu, 14 Jan 2021 07:37 PM (IST)
गोरखपुर के लापता 11 शिक्षकों के घर का पता ढूढ़ रहा बेसिक शिक्षा विभाग

गोरखपुर, जेएनएन। जनपद के परिषदीय स्कूलों में वर्षों से गायब चल रहे 21 शिक्षकों के मामले में विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इन शिक्षकों को नोटिस भेजा गया है, जिनमें से दस शिक्षकों ने नोटिस का जवाब दे दिया है। जबकि अभी भी 11 शिक्षकों ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है। गलत पता होने के कारण इन शिक्षकों का नोटिस बीएसए कार्यालय में वापस लौट आया है। नोटिस का जवाब देने वाले शिक्षकों के मामले में बीएसए ने जहां शासन से मार्गदर्शन मांगा हैं वहीं जिन शिक्षकों के नोटिस गलत पता के चलते वापस लौट आया है उनके घर का सही पता लगाने की जिम्मेदारी खंड शिक्षाधिकारियों को सौंपी है, जिससे आगे की कार्रवाई हो सकें।

दो बार जारी हो चुका है नोटिस

पूर्व में दो बार इन शिक्षकों को विभाग ने नोटिस जारी किया था, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। अंतत: इनके रवैये से परेशान होकर विभाग ने इन शिक्षकों की सूची तैयार कर एक सप्ताह पूर्व तीसरी नोटिस जारी करते हुए 30 दिसंबर तक इसका जवाब देने का समय दिया था। बावजूद इसके इनमें से अभी तक पिपराइच की स्निग्धा त्रिपाठी और भटहट की आदर्शी देवी, गरिमा सिन्हा, महक चंचल, रंजीत यादव, ब्रह्मपुर की सीमा गौतम, सुनीता ङ्क्षसह, बड़हलगंज की रंजना यादव, खजनी विकास खंड के गंगा पिपरा में तैनात प्रियंका दुबे, प्राथमिक विद्यालय पगार की रचना कुमारी, जंगल कौडिय़ा की प्रतिभा पांडेय और पिपरौली की श्रद्धा श्रीवास्तव ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है।

वर्षों से चल रहे अनुपस्थित

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह का कहना है कि पिछले कई वर्षों से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहे सभी 21 शिक्षकों को नोटिस जारी किया था। जवाब देने के लिए 30 दिसंबर की तिथि निर्धारित की थी। इस तिथि तक सिर्फ दस शिक्षकों ही नोटिस का जवाब दिया है। इनके संबंध में शासन से मार्गदर्शन मांगा गया है। जबकि अन्य शिक्षकों के घर का पता लगाने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि उनके सही पते तक नोटिस भेजकर आगे की कार्रवाई की जा सके।

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