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कोरोना के चलते अनाथ हुए 100 और बच्चे चिह्नित, शिक्षा, भरण-पोषण के लिए मिलेगी धनराशि

संतकबीर नगर में कोरोना के चलते अनाथ हुए 100 और बच्चे चिह्नित कर लिए गए हैं। इन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित करने के लिए जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी। विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

By Navneet Prakash TripathiEdited By: Published: Wed, 27 Oct 2021 08:05 PM (IST)Updated: Wed, 27 Oct 2021 08:05 PM (IST)
कोरोना के चलते अनाथ हुए 100 और बच्चे चिह्नित, शिक्षा, भरण-पोषण के लिए मिलेगी धनराशि
कोरोना के चलते अनाथ हुए 100 और बच्चे चिह्नित। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। संतकबीर नगर में कोरोना के चलते अनाथ हुए 100 और बच्चे चिह्नित कर लिए गए हैं। इन बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित करने के लिए जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी। विचार-विमर्श के बाद स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके बाद इस योजना के तहत प्रति लाभार्थी चार हजार रुपये के हिसाब से 18 साल की आयु होने तक शिक्षा, भरण-पोषण के लिए सहायता राशि दी जाएगी।

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55 अनाथ बच्‍चे उठा रहे मुख्‍यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रति लाभार्थी चार हजार रुपये के हिसाब से शिक्षा, भरण-पोषण के लिए 20 बच्चों को 2.40 लाख रुपये इस साल जुलाई में दिए गए थे। वहीं 35 बच्चों को 19 सितंबर को 4.20 लाख रुपये दिए गए थे। वर्तमान में कुल 55 अनाथ बच्चे इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने इनके शिक्षा व भरण-पोषण की चिंता दूर कर दी है।

नए चिह्नित बच्‍चों को शीघ्र मिलेगा योजना का लाभ

जिला प्रोबेशन अधिकारी डा. श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि 100 और अनाथ बच्चे चिह्नित हुए हैं। इन बच्चों को योजना से लाभान्वित करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में जल्द बैठक कराने की तैयारी चल रही है। डीएम से स्वीकृति मिलने के बाद इन बच्चों को योजना से लाभान्वित किया जाएगा।

शिविर में सहायक उपकरण के लिए मिले 138 आवेदन

संतकबीर नगर में ब्लाक मुख्यालयों पर 11 से 26 अक्टूबर तक लगे शिविर में सहायक उपकरण के 138 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं। इस अवधि में ऐसे दिव्यांग जो आवेदन नहीं कर सके हैं तथा तीन साल से ट्राईसाइकिल, ह्वील चेयर, वैशाखी, कान की मशीन, ब्लाइंड केन, वाकर सीपी चेयर उपकरण पाने से वंचित हैं, वे विकास भवन स्थित दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग में आ सकते हैं। वे दिव्यांग प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र व दो फोटो के साथ आवेदन करें। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रियंका यादव ने यह जानकारी दी है।


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