विधानसभा चुनाव से ठिठके नवनिर्माण के कदम

गोंडा अयोध्या विकास प्राधिकरण क्षेत्र में जमीनों की कीमतों में गिरावट जमीन खरीदारों की नजर विधानसभा चुनाव के फैसले पर टिकी ।

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 11:03 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 11:03 PM (IST)
विधानसभा चुनाव से ठिठके नवनिर्माण के कदम

महादेव सागर , शिवदयालगंज (गोंडा) : अयोध्या का उत्तरी प्रवेशद्वार माने जाने वाले हिस्से में विकास प्राधिकरण ने भले ही तरक्की का खाका खींचा हो, लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते नव निर्माण के कदम ठिठक गए हैं। इसका असर राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद बढ़ी सरयू नदी की कछार की जमीनों की कीमतों पर पड़ा है। यहां जमीनों की कीमतों में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। प्राधिकरण ने अभी विकास का कोई खास काम तो शुरू नहीं किया है। बाहरी निवेशकर्ता होटल, धर्मशाला सहित विभिन्न कार्यों के लिए इस क्षेत्र में जमीन खरीद कर तरक्की की आधारशिला रख रहे थे। वह भी विधानसभा चुनाव के चलते ठिठक गए हैं। नवाबगंज ब्लाक के 66 राजस्व गांव को प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में शामिल किया है। यहां बड़े पैमाने पर बाहरी व्यापारी, अधिकारी और सफेदपोश जमीन खरीद कर निवेश कर रहे थे। चुनाव के चलते उन्होंने खरीद खरीद-फरोख्त बंद कर दी है। लोगों की नजरें विधानसभा चुनाव के फैसले पर टिक गई हैं। इससे जमीनों के दाम औंधे मुंह गिरे हैं। महज दो माह पूर्व एक बीघे जमीन की कीमत करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन इस समय घट कर 20 से 25 लाख रुपये ही रह गई है। इससे जमीन बेचने की कवायद में जुटे भू स्वामियों को भी भारी नुकसान हो रहा है। जमीन कारोबार से जुड़े राकेश पांडे बताते हैं कि खरीदारों की निगाह विधानसभा चुनाव के फैसले पर है। आने वाली सरकार अयोध्या के विकास को किस गंभीरता से लेगी, इसको लेकर संशय के चलते निवेशक अब यहां पूंजी लगाने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र के बडे कास्तकर दिनेश कुमार यादव व अवधेश कुमार सिंह को उम्मीद है कि चुनाव परिणाम आने के बाद इस क्षेत्र के नवनिर्माण में तेजी आएगी और जमीनों की कीमतें बढ़ेगी। यहां रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

Edited By Jagran

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