कालाबाजारी कर बिहार भेजी जा रही यूरिया

जागरण संवाददाता भदौरा (गाजीपुर) यूपी से बिहार में एक बार फिर खाद की तस्करी तेज हो गई

JagranPublish: Fri, 28 Jan 2022 04:04 PM (IST)Updated: Fri, 28 Jan 2022 04:04 PM (IST)
कालाबाजारी कर बिहार भेजी जा रही यूरिया

जागरण संवाददाता, भदौरा (गाजीपुर): यूपी से बिहार में एक बार फिर खाद की तस्करी तेज हो गई है। भदौरा स्टेशन से पैसेंजर ट्रेन और सड़क मार्ग से आटो, पिकअप के जरिए प्रतिदिन सैकड़ों बोरी यूरिया बिहार भेजी जा रही है। शुक्रवार को भी आटो में ऐसा देखने को मिला। यह सिलसिला करीब 10 दिनों से जारी है। सब कुछ जानते हुए भी प्रशासनिक अधिकारी अनजान बने हैं।

गेहूं की सिचाई के बाद यूरिया की जरूरत पड़ती है। रबी सीजन में सेवराई तहसील की सहकारी समिति भतौरा, गहमर, देवल, दिलदारनगर, चित्रकोनी पर 600 टन यूरिया की डिमांड है। सहकारिता विभाग की ओर से समितियों पर 140 टन यूरिया आई थी, यह कब खत्म हो गई, पता ही नहीं चला। क्षेत्र में यूरिया की किल्लत बनी हुई है। सहकारी समितियों पर खाद नहीं है। किसान इसके लिए भटक रहे हैं। क्षेत्र की कुछ दुकानों पर अधिक मूल्य लेकर खाद की बिक्री की जा रही है। जिम्मेदारों की नजर नहीं पड़ रही है। सरकार ने यूरिया की कीमत 267 रुपये निर्धारित किया है। किसानों को चेक के माध्यम से खाद देने की व्यवस्था है। किसानों का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार खाद नहीं मिल पा रही है। दुकानों पर कालाबाजारी के कारण यह 350 से 400 रुपये तक में बिक रही है। बिहार ले जाकर इसकी कीमत आठ सौ से एक हजार रुपये तक वसूल की जाती है। इसकी वजह से यूरिया का संकट खत्म नहीं हो रहा है।

वर्जन

खाद कहां खाद भेजी गई है, इसकी जांच कराई जाएगी। दुकानदार की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

- मृत्युंजय सिंह, जिला कृषि अधिकारी।

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यूरिया को यूपी से बिहार ले जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वाहनों से कोई भी ले जा सकता है। -राजेश प्रसाद, एसडीएम, सेवराई।

Edited By Jagran

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