श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को कागज पर उकेरने वाले बच्चों का सम्मान

जागरण संवाददाता गाजीपुर नव्य भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ कारीडोर लोकार्पण उत्सव पर दैनिक जागर

JagranPublish: Tue, 17 May 2022 07:43 PM (IST)Updated: Tue, 17 May 2022 07:43 PM (IST)
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम को कागज पर उकेरने वाले बच्चों का सम्मान

जागरण संवाददाता, गाजीपुर : नव्य भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ कारीडोर लोकार्पण उत्सव पर दैनिक जागरण की ओर से आयोजित निबंध, शिवस्त्रोत व चित्रकला विषय पर प्रतियोगिता के मेधावी बच्चों को मंगलवार को सम्मानित किया गया। जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, प्रभारी एसपी व एएसपी ग्रामीण आरडी चौरसिया और जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव के हाथों प्रमाण पत्र व गिफ्ट पाकर बच्चे प्रफुल्लित हो उठे। अधिकारियों ने बच्चों की मेधा की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।

विद्यालय स्तर पर तीन विषयों पर प्रतियोगिताएं हुईं, इसमें जनपद के दर्जन भर विद्यालयों के सैकड़ों बच्चों ने प्रतिभाग किया। बच्चों ने इसमें अपनी प्रतिभा के अनुसार बेहतर प्रदर्शन किया। सभी विद्यालयों के प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 69 बच्चों को सम्मानित किया गया। इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

दैनिक जागरण के मनीष मिश्रा, जितेंद्र यादव, अविनाश सिंह व मनोज गुप्ता ने अतिथियों को गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया। दैनिक जागरण के जिला प्रभारी शिवानंद राय ने कहा कि बच्चों को रचनात्मक कार्य के लिए हमेशा प्रेरित करते रहना चाहिए। दैनिक जागरण अपने सात सामाजिक सरोकारों के माध्यम से समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजन कर बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने व निखारने का एक बेहतर प्लेटफार्म देता है, ताकि देश के कर्णधार बच्चों की नींव को मजबूत किया जा सके।

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असफलता को चुनौती मान करें मेहनत: डीएम

जिलाधिकारी ने कहा कि 'दैनिक जागरण' ने देशभर के 12 ज्योतिर्लिंगों में से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पर कार्यक्रम आयोजित कर जनपद के बच्चों को न केवल सम्मानित होने का मौका दिया, बल्कि उनके सम्मान गौरव की अनुभूति कराने के लिए एक सम्मान समारोह का भी आयोजन किया है। कहा कि हो सकता है कोई छात्र सफल नहीं हो पाया हो, लेकिन असफलता को चुनौती के रूप में स्वीकार करिएगा। बहुत बड़ी व महान विभूतियां भी पहले असफल हुईं, लेकिन बाद में सफल हुए। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ज्यूरिक एक पालीटेक्निक विद्यालय की प्रवेश परीक्षा में फेल हो गए थे। बाद में बहुत बड़े आविष्कारक बने। 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन बीच में वापस लेना पड़ा लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा। कहा कि हमें असफलता से डरना नहीं चाहिए, असफलता आपके लिए चुनौती होनी चाहिए, उसे चुनौती के रूप में स्वीकार कर आपको दोगुनी ऊर्जा के साथ मेहनत करना चाहिए, आपको लगेगा सफलता आपके सामने खड़ी है। कहा कि सोहनलाल द्विवेदी की कविता कभी-कभी गुनगुनाते रहिए कि. लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

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बच्चों में धर्म व संस्कृति के प्रति जिज्ञासा को मिलेगा बढ़ावा: हेमंत राव

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने कहा कि इस समारोह में छात्राएं ज्यादा पुरस्कार पाई है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। ज्ञान को प्राप्त कर के एक पूरे व्यक्तित्व का विकास करना होता है। उसमें हमारे सभ्यता, संस्कृति व धर्म के बारे में जानकारी प्राप्त करके जो बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं निश्चय ही देश के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे यह मुझे पूरा विश्वास है। मैं सभी गुरुजनों को बधाई देना चाहूंगा कि ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों की प्रतिभागिता सुनिश्चित कराई। बच्चों के आसपास के परिवेश ऐसे कार्यक्रम होते हैं तो बच्चों का उत्साह बढ़ता है धर्म व संस्कृति के प्रति जिज्ञासा बढ़ती है। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को देखकर विशेष प्रसन्नता हो रही है, इन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया व विजयी बनकर आए हैं। पूरे जनपद के परिषदीय विद्यालय ऐसे प्रतियोगिताओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। कहा कि हम बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ना दें उनके पूरे व्यक्तित्व निर्माण व क्रियाकलापों को आधार बनाएं। तभी बच्चे शिक्षा के क्षेत्र के साथ अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।-

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दैनिक जागरण ने बच्चों को संस्कृति से जोड़ने की पहल की: एएसपी

प्रभारी पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आरडी चौरसिया ने कहा कि बच्चों को आध्यात्मिकता से जोड़ना एक बहुत ही जटिल कार्य होता है। ऐसे आयोजन संस्थाओं को करना चाहिए, जिसे अखबार कर रहा है। दैनिक जागरण का यह बहुत ही सराहनीय कदम है। वर्तमान परिवेश में संस्कृति का क्षरण हो रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के परिवार व समाज में अच्छा संदेश जाएगा। ऐसे कार्यक्रम का आयोजन करना 'जागरण' परिवार का समाज व देश के प्रति प्रतिद्धता को दर्शाता है। इसमें शिक्षकों की भूमिका सराहनीय रही है। किसी को भी नई दिशा की ओर ले जाना बहुत ही जटिल कार्य होता है। अबके परिवेश में देवी, देवता, संस्कृति केवल डिक्शनरी में ही देखने को मिलते हैं, लेकिन 'जागरण' ने ऐसा कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को उनकी संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया है।-

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इन विद्यालयों ने किया प्रतिभाग

- डालिम्स सनबीम स्कूल बिराइच, राधिका रूरल एकेडमी बभनौली सिधौना, आदर्श शिक्षा निकेतन सिधौना, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल बड़ौरा कासिमाबाद, डीडी पब्लिक स्कूल कादीपुर, सूरज इंटरनेशनल स्कूल उचौरी, केडी पब्लिक स्कूल मुहम्मदपुर कुसुम, प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा कासिमाबाद, माउंट लिट्रा जी स्कूल, कंपोजिट विद्यालय रायगंज द्वितीय, कंपोजिट विद्यालय सुभाषनगर, डा. सिद्धेश्वरनाथ इंटर कालेज मरदापुर सादात, आदर्श शिक्षा निकेतन सादात, डीएस माडर्न एकेडमी सादात।

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डीएम का आटोग्राफ व सेल्फी लेने की लगी होड़

कार्यक्रम में शामिल बच्चों में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह के प्रति गजब की दीवानगी देखने को मिली। बच्चों में उनके हाथों से प्रमाण पत्र लेने के बाद उनके साथ सेल्फी और प्रमाण पत्र पर आटोग्राफ लेने की होड़ लग गई। जिलाधिकारी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और एक-एक कर सभी को सेल्फी लेने दिया और आटोग्राफ भी दिया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से वार्तालाप भी किया और उनके पढ़ाई-लिखाई, स्कूल और सपने के बारे में पूछा। पीठ थपथपा कर बच्चों का हौसला बढ़ाया।

Edited By Jagran

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