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कोरोना भगाने के लिए पांच के बजाय छह बार दी जा रही अजान

बारा (गाजीपुर) कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुसलमानों ने अनोखा तरीका अपनाया है। वे आधी रात में अपने घरों की छतों और मस्जिदों में अजान दे रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब मस्जिदों में पांच के बजाए छह बार अजान दी जा रही है।

By JagranEdited By: Published: Fri, 24 Apr 2020 04:56 PM (IST)Updated: Fri, 24 Apr 2020 04:56 PM (IST)
कोरोना भगाने के लिए पांच के बजाय छह बार दी जा रही अजान
कोरोना भगाने के लिए पांच के बजाय छह बार दी जा रही अजान

फोटो- 7सी

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जागरण संवाददाता, बारा (गाजीपुर) : कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुसलमानों ने अनोखा तरीका अपनाया है। वे आधी रात में अपने घरों की छतों और मस्जिदों में अजान दे रहे हैं। ऐसा पहली बार हो रहा है जब मस्जिदों में पांच के बजाए छह बार अजान दी जा रही है। बारा में करीब महीने भर से यह सिलसिला जारी है। दुनिया भर में दहशत फैलाए कोरोना वायरस से हर कोई खौफजदा हैं।  देश भर में लॉकडाउन है। लोग अपने घरों में कैद हैं। कहीं भी भीड़ जमा न हो इसके लिए धार्मिक स्थलों पर भी पाबंदी लगा दी गई है। लेकिन कोरोना वायरस को भगाने के लिए पिछले 24 मार्च से बारा की अनेक मस्जिदों में छह बार अजान पढ़ी जा रही है। लोग अपने घरों की छतों पर भी अजान पढ़ रहे हैं। यह अजान रात में 10 बजे से 11 बजे तक पढ़ी जाती है, जबकि इस वक्त कोई नमाज भी नहीं होती है। इस बारे में लोगों का कहना है कि कोरोना वायरस को भगाने के लिए अजान दी जा रही है। अहले सुन्नत मदरसा गौसिया के प्रधानाचार्य मौलाना कलीमुद्दीन शम्सी कहते हैं कि महामारी को भगाने के लिए इस तरह अजान पढ़ी जा सकती है। अल्लाह के रसूल ने फरमाया है कि मुसीबत के वक्त बस्ती में अजान पढ़ी जाए तो अल्लाह परेशानियों से निजात दिला देता है।


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