पेपर रद होने से मायूस घर लौटे परीक्षार्थी

जासं गाजियाबाद उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की परीक्षा दो पालियों में होनी थी लेकिन पहली ही पाली में पेपर लीक होने से परीक्षा रद हो गई। ऐसे में जिले के सभी केंद्र पर करीब आधे से एक घंटे में सभी परीक्षार्थियों से पेपर वापस ले लिया गया।

JagranPublish: Sun, 28 Nov 2021 09:13 PM (IST)Updated: Sun, 28 Nov 2021 09:13 PM (IST)
पेपर रद होने से मायूस घर लौटे परीक्षार्थी

जासं, गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की परीक्षा दो पालियों में होनी थी, लेकिन पहली ही पाली में पेपर लीक होने से परीक्षा रद हो गई। ऐसे में जिले के सभी केंद्र पर करीब आधे से एक घंटे में सभी परीक्षार्थियों से पेपर वापस ले लिया गया। कुछ केंद्रों पर अचानक पेपर जमा करने पर अभ्यर्थियों ने विरोध भी किया, लेकिन सभी को पेपर लीक होनी की जानकारी दी गई, तो सभी मायूस होकर घर लौट गए। अभ्यर्थियों को चिता सता रही है कि अभी तक एक माह बाद परीक्षा आयोजित कराने की घोषणा की गई है, लेकिन आचार संहित लग जाएगी तो उनकी भर्ती प्रक्रिया बीच में ही लटक जाएगी।

जिले में पहली पाली में 45 केंद्र पर परीक्षा के लिए जिले में 22,634 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। दूसरी पाली 35 केंद्रों पर 17,273 को परीक्षा देनी थी। पहली पाली में 10 बजे परीक्षा शुरू हो गई थी, जो साढ़े 12 बजे तक संपन्न होनी थी। वहीं बीच में ही केंद्रों को सूचना मिली कि परीक्षा रद कर दी गई है और पेपर जमा कर लिया गया। दूसरी पाली में ढाई बजे से पांच बजे तक परीक्षा होनी थी। सभी केंद्रों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया कि दूसरी पाली की परीक्षा रद कर दी गई है। वर्जन.. करीब 10:20 बजे परीक्षा रद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सभी केंद्रों पर एक-एक कक्ष से परीक्षार्थियों को समझाकर पेपर जमा करते हुए भेज दिया गया। किसी भी केंद्र पर कोई हंगामा नहीं हुआ। शांतिपूर्ण तरीके से सभी परीक्षार्थियों ने पेपर जमा किया और घर चले गए।

-प्रदीप कुमार द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक

---- पेपर काफी अच्छा आया था, लेकिन रद हो गया। इससे सभी तनाव में हैं। जो गाजियाबाद के निवासी हैं और जिले में ही केंद्र है, उनको ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन जो दूसरे जिलों से आए थे, उन्हें काफी दिक्कत हुई है। करियर को लेकर सभी चितित हैं।

- रूबी, परीक्षार्थी

पेपर रद हुआ है, तो सबके लिए चिता को विषय है। मानसिक रूप से सभी परेशान हैं। पेपर काफी अच्छा था, लेकिन पेपर बीच में ही ले लिया गया। इसका विरोध किया तो मोबाइल में सभी को शासनादेश दिखाया गया। घर पहुंचने में भी सभी को परेशानी हुई।

-रोहित, परीक्षार्थी।

Edited By Jagran

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