ओमिक्रोन का खतरा मंडराया, समीक्षा में रोकथाम के संसाधन मिले अधूरे

मदन पांचाल गाजियाबाद जिले में भी कोरोना के नए स्ट्रेन ओमिक्रोन का खतरा मंडरा रहा है। ि

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 06:40 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 06:40 PM (IST)
ओमिक्रोन का खतरा मंडराया, समीक्षा में रोकथाम के संसाधन मिले अधूरे

मदन पांचाल, गाजियाबाद : जिले में भी कोरोना के नए स्ट्रेन ओमिक्रोन का खतरा मंडरा रहा है। विदेश से आने वाले लोगों का स्वास्थ्य विभाग को कोई पता नहीं चल रहा है। निगरानी समितियों की सक्रियता भी शादियों के शोर में शून्य हो गई है। ठीक इसके विपरीत स्वास्थ्य विभाग के संसाधन जांच में फेल पाए जाने से रोकथाम को लेकर शुरू की जा रही तैयारियों को बड़ा झटका लगा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक वेदव्रत द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद समेत कई जिलों में संभावित तीसरी लहर से बचाव के इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं। कहीं आक्सीजन प्लांट खराब पड़े हैं तो कहीं पर बिजली की 24 घंटे की आपूर्ति नहीं है। सरकारी अस्पतालों में बाइपेप मशीन और वेंटिलेटर भी नहीं मिले हैं। इनको चलाने वाले प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ का भारी टोटा है। जिले की तीन सीएचसी में संक्रमित को भर्ती करने के बाद पर्याप्त इलाज के ठोस इंतजाम नहीं है।

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13 नवंबर को आयोजित माकड्रिल की समीक्षा रिपोर्ट की खास बातें - सीएचसी डासना, मोदीनगर और पिलखुआ समेत 19 अस्पतालों मे एचडीयू और आइसीयू संचालन हेतु 24 घंटे बिजली आपूर्ति का इंतजाम नहीं है।

- सीएचसी लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर और डासना समेत 37 अस्पतालों में बाइपेप मशीन नहीं है।

- जिला एमएमजी, संयुक्त अस्पताल और जिले की चारों सीएचसी पर आइसीयू का इंतजाम नहीं है।

- स्थापित किए गए 11 के सापेक्ष दो आक्सीजन प्लांट ही विधिवत काम कर रहे हैं। नौ खराब हैं अथवा संचालन नहीं हुआ है।

- कोविड एल-2 में पर्याप्त मेडिकल उपकरण उपलब्ध नहीं है।

- जिले की चार सीएचसी और 108 पीएचसी में संक्रमितों को भर्ती करने के लिए चिकित्सक, संसाधन और एनेस्थेटिस्ट का अभाव है।

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सीएचसी लोनी समेत कुछ आक्सीजन प्लांट विधिवत रूप से चालू नहीं है। इनकी टेस्टिंग कराई जा रही है। बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिस्ट की मांग की गई है। वेंटिलेटर और बाइपेप मशीनों की भी मांग शासन से की गई है। संतोष अस्पताल में संचालित कोविड एल-2 एवं एल-3 में आइसीयू उपलब्ध है। कमियों को दूर कराया जा रहा है।

-डा.आरके गुप्ता,जिला सर्विलांस अधिकारी

Edited By Jagran

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