सदर से असीजा को तीसरी बार टिकट, मानवेंद्र जसराना से नए चेहरे

सिरसागंज से मुलायम के समधी हरिओम और शिकोहाबाद से ओमप्रकाश वर्मा को टिकट टूंडला से विधायक धनगर को फिर मौका प्रत्याशियों की घोषणा से भाजपा में आया जोश।

JagranPublish: Sat, 22 Jan 2022 05:41 AM (IST)Updated: Sat, 22 Jan 2022 05:41 AM (IST)
सदर से असीजा को तीसरी बार टिकट, मानवेंद्र जसराना से नए चेहरे

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद: विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने पांचों प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। दो बार के सदर विधायक मनीष असीजा पर पार्टी ने तीसरी बार दांव लगाया है तो जसराना विधायक रामगोपाल लोधी का टिकट काटते हुए उन्हीं की बिरादरी के भाजपा जिलाध्यक्ष मानवेंद्र प्रताप लोधी को प्रत्याशी बनाया है। वहीं पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए पुराने सपाई और मुलायम सिंह के समधी हरिओम यादव व सपा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश वर्मा को शिकोहाबाद से प्रत्याशी बनाया गया है। टूंडला उपचुनाव में जीतकर दो साल के विधायक प्रेमपाल धनगर एक बार फिर पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जोश की लहर दौड़ गई। हालांकि घोषित किए गए पांचों प्रत्याशियों को टिकट मिलना पहले से तय माना जा रहा था। सदर सीट: पालिका से शुरू हुआ था असीजा का सियासी सफर: लगातार दो बार के विधायक मनीष असीजा का सियासी सफर वर्ष 2000 में नगर पालिका चुनाव से शुरू हुआ था। भाजपा की टिकट पर चुनाव जीतकर पालिकाध्यक्ष बने असीजा ने नपा का दूसरा चुनाव पार्टी से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में लड़ा और जीत हासिल की। जनता के बीच रहकर विकास को नई रफ्तार देने वाले असीजा का टिकट पहले से तय माना जा रहा था। जसराना : संघ के पुराने कार्यकर्ता रहे मानवेंद्र लोधी : 2017 के विस चुनाव में पहली बार भाजपा जीत हासिल की थी। यहां से पार्टी ने इस बार विधायक की टिकट काटते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष मानवेंद्र लोधी को टिकट दिया है। संघ के पुराने कार्यकर्ता रहे मानवेंद्र के कार्यकाल में भाजपा की 20 साल बाद लोस में जीत हुई थी। मानवेंद्र संगठन में लोकप्रिय और गैर विवादित छवि के नेता हैं। सिरसागंज: जिपं चुनाव में समर्थन का हरिओम को उपहार : अब तक तीन बार विधायक रह चुके पूर्व सपा नेता हरिओम यादव 2017 में विधायक बनने के बाद पार्टी से बर्खास्त किए गए थे। पिछली जुलाई में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा का खुलकर साथ दिया। पिछले दिनों भाजपा के सदस्य बने। जिपं में समर्थन का उपहार पार्टी ने उन्हें टिकट के रूप में दिया है। सिरसागंज क्षेत्र में उनकी खासी पकड़ है। शिकोहाबाद: पुराने समाजवादी ओमप्रकाश को घर वापसी पर टिकट: पूर्व मंत्री और पुराने समाजवादी रघुवर दयाल वर्मा के पौत्र ओमप्रकाश वर्मा सपा से टिकट कटता देख पिछले दिनों भाजपा में शामिल हुए थे। रघुवरदयाल वर्मा ने 1996 में भाजपा से चुनाव जीता था और बाद में सपा में शामिल हुए थे। ओमप्रकाश 2012 में सपा की टिकट पर विधायक बने थे। भाजपा विधायक डा. मुकेश वर्मा के सपा में आने के बाद उन्होंने सपा छोड़ दी थी। टूंडला: एटा के प्रेमपाल पर फिर जताया भरोसा :

केबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल के इस्तीफे के बाद 2020 में हुए उपचुनाव में एटा से आए प्रेमपाल धनगर 15 महीने के विधायक रहे। उपचुनाव में उनकी दावेदारी पर स्थानीय नेताओं में विरोध के सुर गूंजे थे। पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा करते हुए जातीय गणित के आधार पर मैदान में उतारा है।

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रामगोपाल लोधी बोले, पार्टी का फैसला स्वीकार : 2017 में बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद चुनाव जीतने वाले भाजपा विधायक रामगोपाल लोधी टिकट कटने से निराश तो हैं, लेकिन पार्टी का फैसला स्वीकार होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि टिकट क्यों काटा, यह समझ में नहीं आया। इसके बावजूद मैं पार्टी के साथ हूं और फैसला स्वीकार करता हूं।

Edited By Jagran

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