डाक्टर न होने से लोहिया अस्पताल में भटके मरीज

जागरण संवाददाता फर्रुखाबाद डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डाक्टरों की कमी व समय स

JagranPublish: Mon, 29 Nov 2021 10:37 PM (IST)Updated: Mon, 29 Nov 2021 10:37 PM (IST)
डाक्टर न होने से लोहिया अस्पताल में भटके मरीज

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डाक्टरों की कमी व समय से उनके न बैठने के चलते मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को सिर्फ फिजीशियन ही अपने कक्ष में बैठे नजर आए। हड्डी रोग विशेषज्ञों के न होने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।

सोमवार को सुबह से ही लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई। पर्चा काउंटर पर लाइन में लगकर मरीजों ने पर्चा बनवाया, लेकिन एकमात्र चिकित्सक फिजीशियन डा. अशोक कुमार ही कक्ष में बैठे थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. वीके दुबे व डा. योगेंद्र मिश्र नहीं थे। सर्जन का पद रिक्त होने से आपरेशन आदि के मरीजों को भी भटकना पड़ा। फिजीशियन कक्ष में भीड़ होने से लाइन लगाकर मरीजों को चिकित्सक ने देखा। हड्डी रोग चिकित्सकों के न आने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। बताया गया कि डा. वीके दुबे आपरेशन कक्ष में हैं। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. राजकुमार ने अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि जो चिकित्सक हैं, उन्हीं से मरीजों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। साढ़े पांच घंटे बाद शुरू हुई ब्लड की जांच

डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में खून की जांच कराने के लिए सुबह आठ बजे से ही मरीजों का पहुंचना शुरू हो गया, लेकिन इस दौरान पैथालाजी का यूपीएस खराब होने से जांच शुरू नहीं हो सकी। स्वास्थ्य कर्मियों की सूचना पर आए टेक्निशियन ने यूपीएस को ठीक करना शुरू किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे यूपीएस ठीक होने पर जांच शुरू हो सकी। क्षय रोग कक्ष एक सप्ताह से बंद

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : डाक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में बना क्षय रोग केंद्र तीन दिनों से बंद चल रहा है। इसके चलते मरीज बैरंग लौट रहे हैं। विभागीय अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।

लोहिया अस्पताल में क्षय रोग पीड़ितों के लिए क्षय रोग कक्ष खोला गया है, जिसमें लैब टेक्निशियन नरेंद्र मिश्र के साथ ही अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य था कि क्षय रोग कक्ष का लाभ मरीजों को मिल सके, लेकिन यह उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। करीब एक सप्ताह से क्षय रोग कक्ष के ताले ही नहीं खुले हैं। मरीज आते हैं, लेकिन ताला पड़ा देख लौट जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मरीजों को सही से जानकारी भी नहीं देते, जिससे वह इंतजार करते रहते हैं। सीएमएस डा. राजकुमार ने बताया कि लैब टेक्निशियन नरेंद्र मिश्र चिकित्सीय अवकाश पर हैं। हेल्थ वर्कर सुमित आर्या क्यों नहीं आ रहे, इसके लिए उन्हें नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

Edited By Jagran

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept