कभी रखने को नहीं ठिकाना, तो कभी खत्म हुआ बारदाना

संवाद सहयोगी कायमगंज कहने को तो धान खरीद केंद्र खुले चल रहे हैं। किसान भी धान लेकर खर

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 11:03 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 11:03 PM (IST)
कभी रखने को नहीं ठिकाना, तो कभी खत्म हुआ बारदाना

संवाद सहयोगी, कायमगंज : कहने को तो धान खरीद केंद्र खुले चल रहे हैं। किसान भी धान लेकर खरीद केंद्र पर पहुंचते हैं, लेकिन कभी माल रखने को जगह उपलब्ध न होने, तो कभी बारदाना खत्म हो जाने, तो कभी बिजली न होने के बहाने से खरीद बंद हो जाती है। शुक्रवार को केंद्र पर धान की खरीद बंद मिली। बताया गया कि बारदाना समाप्त हो जाने के कारण किसानों से धान नहीं लिया जा पा रहा है।

मंडी समिति स्थल पर चल रहे विपणन विभाग के दो सरकारी खरीद केंद्रों पर धान रखने को जगह उपलब्ध न होने की कहकर बुधवार को खरीद रोक दी गई थी। उस दिन शाम को पांच ट्रैक्टर धान का वहां से राइस मिल के लिए उठान हो जाने पर कुछ स्थल खाली हुआ, तो गुरुवार को कुछ खरीद हो गई। शुक्रवार को किसानों द्वारा धान लाए जाने पर यह बताया जा रहा है कि बारदाना समाप्त हो गया है, इसलिए खरीद नहीं की जा सकती। किसानों ने बताया कि आठ जनवरी से टोकन देना भी बंद कर दिए गए हैं। अब यहां अधिकारी के जुबानी कहने पर वह धान लेकर आए हैं, लेकिन यहां कुछ पता नहीं लग रहा कि खरीद होगी या नहीं। ऐसी परिस्थिति में धान लेकर आए किसानों को औने पौने मूल्य पर आढ़तियों को धान बेच कर घाटा उठाना पड़ता है। वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत पर तौला गया जिला जज साहब का धान

मोहम्मदाबाद : खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित क्रय केंद्र पर किसान कई दिनों से चक्कर लगा रहे हैं। किसान धान भरी ट्रालियां खड़ी करके घर चले जाते हैं और सुबह फिर आ जाते हैं। शुक्रवार को आगरा में तैनात एक न्यायिक अधिकारी के धान की तौल नहीं हो पाई। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की कि केंद्र पर धान नहीं तौला जा रहा है, जबकि आंकड़ों में प्रतिदिन खरीद हो रही है। आखिर देर शाम जज साहब का बटाईदार 150 पैकेट धान लेकर केंद्र पर पहुंचा। क्रय केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन धान की खरीद हो रही है। मौसम खराब होने का अनुमान है, इसलिए दो तीन किसानों का धान तौल रहे हैं। धान सुरक्षित रखने की जगह नहीं है। जज साहब के बटाईदार का दो ट्राली धान पहले खरीद चुके हैं। मौसम की वजह से दो दिन बाद तौलने का आश्वासन दिया था। खरीद केंद्र पर जो भी ट्रालियां खड़ी हैं, तौली जा रही हैं।

किसानों की परेशानी

दस नवंबर 2021 को पिता आदेश दीक्षित के नाम से रजिस्ट्रेशन कराया था। तब से कई बार सैंपल लेकर आए, लेकिन उनके 35 क्विंटल धान की खरीद के लिए सहमति नहीं मिली। करीब 20 दिन पहले सैंपल पास हुआ। उसके बाद टोकन के लिए चक्कर काटे, लेकिन टोकन जारी नहीं हुआ। आठ जनवरी से टोकन बंद कर दिए गए। तब कहा गया कि 21 जनवरी के बाद धान लेकर आना। इसलिए धान लेकर आए लेकिन यहां आज भी खरीद नहीं हो रही।

शेखर दीक्षित, गांव रसीदाबाद बल्लभ कायमगंज केंद्र पर धान बेचने के लिए 20 नवंबर 2021 को रजिस्ट्रेशन कराया था। सैंपल पास होने पर कहा गया कि तीन जनवरी के बाद पता कर लेना। आठ जनवरी को बताया गया कि टोकन जारी होना बंद हो गए। यहां के लोगों के कहने पर शुक्रवार को धान लेकर आए थे, लेकिन यहां अभी खरीद नहीं हो रही। अगर यहां नहीं बिकेगा तो लौटाकर ले जाने के बजाए मंडी में व्यापारी को चार-पांच सौ रुपये प्रति क्विंटल सस्ता बेचना पड़ेगा, तो भी बेच देगें।

बलराम, गांव उलियापुर

Edited By Jagran

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