बदली व बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, छाए रहेंगे बादल

पश्चिमी विक्षोभ का असर शुक्रवार को व्यापक तौर पर दिखाई दिया। दोपहर में हल्की बरसात और शाम के समय हुई बूंदाबांदी ने वातावरण में ठंड बढ़ा दी है। अभी कम से कम दो दिन बदली रहेगी और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान जवाद का प्रभाव यहां होगा अथवा नहीं यह शनिवार को साफ होगा।

JagranPublish: Sat, 04 Dec 2021 12:02 AM (IST)Updated: Sat, 04 Dec 2021 12:02 AM (IST)
बदली व बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, छाए रहेंगे बादल

अयोध्या: पश्चिमी विक्षोभ का असर शुक्रवार को व्यापक तौर पर दिखाई दिया। दोपहर में हल्की बरसात और शाम के समय हुई बूंदाबांदी ने वातावरण में ठंड बढ़ा दी है। अभी कम से कम दो दिन बदली रहेगी और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान जवाद का प्रभाव यहां होगा अथवा नहीं, यह शनिवार को साफ होगा।

वातावरण में बढ़ी ठंड का असर शुक्रवार को दिखाई भी दिया। लोग फुल स्वेटर व जैकेट में नजर आए। वहीं ऊनी वस्त्रों की दुकानों पर भी ग्राहकों की खासी भीड़ रही। ठंड में हुई बढ़ोतरी की वजह से आम दिनों की अपेक्षा बाजार में भीड़ भी कम रही। स्कूलों में छोटे बच्चों की उपस्थिति में भी कमी आई। आचार्य नरेंद्रदेव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के असर से पांच दिसंबर तक बदली रहेगी। विभाग के अध्यक्ष डा. सीताराम मिश्र ने बताया कि शनिवार को यह पता चलेगा कि चक्रवात जवाद का यहां किस प्रकार का प्रभाव होगा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से एक डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से छह डिग्री अधिक है। बदली छाने की वजह से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। ऐसा इसलिए कि बदली छाने पर ऊष्मा वातावरण से बाहर नहीं निकल पाती, जिससे न्यूनतम तापमान बढ़ जाता है। अधिकतम आद्रता 95 व न्यूनतम 65 प्रतिशत रही।

पहनें पूरे कपड़े, अदरक, लहसुन का करें प्रयोग

अयोध्या: बदलता मौसम स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण हैं। स्वयं को फिट रखने के साथ ठंड का मुकाबला करना पड़ता है। ऐसे में सबसे ज्यादा आवश्यक यह है कि तापमान के उतार-चढ़ाव से भी बचना चाहिए। उतार-चढ़ाव भरा तापमान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। चिकित्सकों की सलाह है कि मौसम के अनुकूल कपड़े पहन कर तापमान के उतार-चढ़ाव से बचाव किया जा सकता है।

प्रतिष्ठित चिकित्सक डा. पीडी त्रिपाठी के अनुसार सुबह व शाम को पूरे कपड़े पहनने चाहिए। ठंड से सीधे गर्म वातावरण में या गर्म से सीधे ठंड वातावरण में जाने से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि मौजूदा मौसम में अदरक व लहसुन का प्रयोग भी अवश्य करना चाहिए। अदरक व लहसुन की एंटी वायरल प्रापर्टी होती है, जिससे मौसमी बुखार व जुकाम आदि से बचाती है। इसलिए भोजन में इसका उपयोग अवश्य करना चाहिए। सब्जियों व फलों का सेवन अधिक करना चाहिए। विशेष रूप से हरी सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए। इससे शरीर की इम्युनिटी बढि़या रहती है। डा. त्रिपाठी के अनुसार ठंड में रूखापन बढ़ जाता है। इसलिए पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए। सुबह व शाम के समय गुनगुना पानी कई प्रकार के रोगों से बचाता है। इसके साथ ही निर्धारित समय पर योग-व्यायाम भी करना चाहिए। इससे शरीर की फिटनेस बनी रहती है।

Edited By Jagran

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