डेढ़ दशक बाद शुरू हुई रामसेवकपुरम में पत्थरों की कटिग

वर्षों पूर्व लगाई गई थी कटर मशीन अब 20 हजार घनफीट पत्थरों की कटाई का लक्ष्य

JagranPublish: Thu, 20 Jan 2022 12:32 AM (IST)Updated: Thu, 20 Jan 2022 12:32 AM (IST)
डेढ़ दशक बाद शुरू हुई रामसेवकपुरम में पत्थरों की कटिग

अयोध्या (प्रवीण तिवारी): राम मंदिर निर्माण कार्य में तेजी आने के साथ ही पत्थरों की सप्लाई व कटिग की गति भी तेज हो गई है। अब तक जिन बड़े-बड़े पत्थरों की कटाई का कार्य ठप था, दोबारा वह शुरू हो गया है। इस मशीन से यहां संरक्षित तकरीबन 20 हजार घनफीट पत्थरों की कटिग होनी है। कटिग के बाद इन्हें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की रामघाट स्थित कार्यशाला ले जाया जाएगा, जहां इसकी तराशी का कार्य होगा। इन दिनों काटे जा रहे पत्थरों का प्रयोग मंदिर की छत में किया जाएगा।

वर्षों पहले पत्थरों की कटिग के लिए रामसेवकपुरम में एक बड़ी मशीन इंस्टाल की गई थी। उसी समय बड़ी तादाद में राजस्थान से यहां शिलाएं लाई गई थीं, उनकी कटाई का कार्य भी चला, लेकिन कालांतर में यह बंद हो गया। अब जब से राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हुआ तब से ही यहां रखे पत्थरों की कटिग की कवायद तेज हो गई ।

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छत के लिए पत्थरों की तराशी तेज

यहां लगी मशीन से इस समय छत के लिए पत्थरों की कटाई का कार्य चल रहा है। इसके लिए निर्धारित आकार में पत्थरों को काटा जा रहा है। इसी से कार्यशाला में मंदिर की छत के लिए अलग- अलग आकार के ब्लाक तैयार किए जाएंगे। एक विशेषज्ञ ने बताया कि इसके अलावा भी राजस्थान व मिर्जापुर में पत्थरों की तराशी का कार्य चल रहा है। वहां तराशे हुए पत्थर अयोध्या लाए जा रहे हैं। भरतकुंड पर श्रद्धालुओं के लिए बन कर तैयार हो रहा विश्राम स्थल

अयोध्या : महात्मा भरत की तपोस्थली नंदीग्राम भरतकुंड पर श्रद्धालुओं के लिए बने शेड पूरी तरह टूट चुके हैं। इसके कारण देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को विश्राम की कोई व्यवस्था न होने से परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए गयावेदी के पास टूटे पड़े विश्राम शेड के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी नंदीग्राम भरतकुंड आरती सेवा ट्रस्ट की तरफ से अध्यक्ष मुख्य ट्रस्टी रामकृष्ण पांडेय ने उठाई है। इसके साथ ही ट्रस्ट ने श्रमदान अभियान के तहत सरोवर की सफाई भी आरंभ की है।

अयोध्या में भगवान राम के मंदिर निर्माण के साथ उनके अनुज भरत की तपोभूमि नंदीग्राम पर भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इसी के ²ष्टिगत श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए सरोवर के किनारे-किनारे कई शेड का निर्माण हुआ था, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सबसे ज्यादा समस्या पितृपक्ष में अपने पित्रों को भरतकुंड की गयावेदी पर पिडदान करने आने वालों को उठानी पड़ती है, जिनको रात में रुकने के लिए खुले आसमान का ही सहारा था। कई बार तो बरसात के बीच भीग कर ही रहना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने वेदी के पास के शेड को लाखों रुपये खर्च कर ठीक कराने का निर्णय किया है। अध्यक्ष ने बताया कि इस शेड के बन जाने से आने वाले श्रद्धालुओं को रहने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

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पूर्ववर्ती डीएम ने भी करवाया एक शेड का जीर्णोद्धार

-पूर्व जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने भी श्रद्धालुओं की समस्या को देखते हुए एक लाख रुपये खर्च कर एक शेड की मरम्मत करवायी थी। उनके इस कार्य से सीख लेकर ही ट्रस्ट ने जिम्मेदारी उठाई है।

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सरोवर सफाई का ब्लाक प्रमुख ने कराया आरंभ

-ट्रस्ट की तरफ से मिली सूचना के बाद सरोवर की सफाई के लिए विकासखंड मसौधा के ब्लाक प्रमुख अभिषेक सिंह ने क्षेत्रीय जनता के साथ सफाई की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जिस तरह से जनता से श्रमदान का सहयोग मिल रहा बहुत जल्द सरोवर स्वच्छ बना कर जल निर्मल किया जा सकेगा।

Edited By Jagran

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