राम मंदिर: आज शुरू होगा प्लिथ का निर्माण

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की तैयारी होगा शिलाओं का पूजन

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:56 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:56 PM (IST)
राम मंदिर: आज शुरू होगा प्लिथ का निर्माण

अयोध्या: राम मंदिर निर्माण के लिए सोमवार 24 जनवरी से प्लिथ निर्माण का कार्य शुरू होगा। इसमें श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय सहित साधु संत विधिवत शिलाओं का पूजन अर्चन करेंगे। साथ ही राफ्ट पर पहली शिला भी रखी जाएगी। गत दिनों राफ्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका। अब तक प्लिथ के लिए तकरीबन 65 हजार घन फीट पत्थरों की आपूर्ति की गई है। इसमें से तीस हजार घन फीट पत्थर बेंगलुरु से तथा तकरीबन 35 हजार घन फीट पत्थर मिर्जापुर से मंगाए गए हैं। प्लिथ के निर्माण में कुल पांच लाख घन फीट पत्थर का प्रयोग किया जाना है। प्लिथ 20 फीट ऊंची होगी। मंदिर निर्माण में पहले चरण के अंतर्गत 48 लेयर में नींव की ढलाई की गई। इसके ऊपर 30 ब्लाक में राफ्ट (नींव जैसी संरचना)ढलाई हुई। राम मंदिर परिसर में स्थापित हो आचार्य प्रतिमा

अयोध्या : रामजन्मभूमि परिसर में महान संत, समाज सुधारक एवं रामोपासना के स्वतंत्र संप्रदाय का सूत्रपात करने वाले रामानंदाचार्य की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की गई है। यह मांग तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने की। वह रामानंदाचार्य की 722वीं जयंती की पूर्व बेला में आयोजित समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा, रामोपासना को सदियों से प्रगाढ़-प्रभावी बनाए रखने के लिए स्वामी रामानंदाचार्य अविस्मरणीय हैं, उन्होंने सभी वर्ग के लोगों को मंत्र देकर श्रीराम की तरह शील-समरसता का मूल्य प्रतिष्ठित किया। शास्त्रों में उनकी विशिष्टता परिभाषित करते हुए उनके रूप में स्वयं श्रीराम को उद्भूत बताया गया है। ऐसे आचार्य की प्रतिमा रामजन्मभूमि परिसर में स्थापित कर उनके प्रति समुचित आदर अर्पित किया जाना चाहिए। तपस्वी छावनी में जयंती समारोह की शुरुआत आचार्य के चित्र की वैदिक विधान पूर्वक पूजन से हुई। मुख्य यजमान अंबेडकरनगर के आलापुर निवासी अनुसूचित जाति के समाजसेवी एवं शिक्षक बच्चूलाल भारती रहे। उन्होंने कहा, श्रीराम के अनुशीलन को अखंड-अक्षुण्ण बनाए रखने वाले आचार्य ने 'जाति-पांत पूछै नहि कोई/ हरि का भजै सो हरि का होई' का संदेश देकर समाज की अपूर्व सेवा की और संस्कृति के ऐसे सशक्त मेरुदंड की स्मृति राम मंदिर परिसर में विशाल प्रतिमा के साथ जीवंत होनी चाहिए।

Edited By Jagran

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