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Shri Ram Mandir: जागरण की खबर पर मोहर: चंपत राय बोले- एलएंडटी ही बनाएगी राम मंदिर

वैकल्पिक गर्भगृह में शिफ्टिंग के बाद ट्रस्ट की बैठक अप्रैल में। आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञ करेंगे मिट्टी की जांच। फरवरी को नृपेंद्र मिश्र ने किया था अयोध्या का दौरा।

Divyansh RastogiTue, 03 Mar 2020 09:58 AM (IST)
Shri Ram Mandir: जागरण की खबर पर मोहर: चंपत राय बोले- एलएंडटी ही बनाएगी राम मंदिर

अयोध्या [रमाशरण अवस्थी]। रामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) ही करेगी। यह जानकारी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव व विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने दी। 24 घंटे के भीतर ही दिल्ली से अयोध्या लौटे राय ने कारसेवकपुरम में जागरण से विशेष मुलाकात में यह जानकारी दी। उन्होंने ट्रस्ट का स्थानीय कार्यालय व वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला की शिफ्टिंग को फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया। 

संकेत दिया कि ट्रस्ट की अगली बैठक रामलला की शिफ्टिंग के बाद अप्रैल माह में हो सकती है। राय ने बताया कि एलएंडटी ने लगभग 10 वर्ष पहले राममंदिर निर्माण का कार्य सेवाभाव से करने की मंशा विहिप के तत्कालीन अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अशोक सिंहल से जताई थी। इधर, मंदिर के पक्ष में सुप्रीम फैसला आने के बाद कंपनी ने अपने इस संकल्प को फिर दोहराया। कंपनी तकनीकी दक्षता व संयंत्र आदि के मामले में भी बेजोड़ है। ऐसे में उसे मंदिर निर्माण के लिहाज से सर्वाधिक उपयुक्त माना जा रहा है। 29 फरवरी को हुए निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के दौरे में भी कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण समिति समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद ही इस संबंध में निर्णय लेगी।

राजधानी से शीघ्र वापसी के प्रश्न पर ट्रस्ट महासचिव ने कहा कि अब हमें देश को यथाशीघ्र मंदिर निर्माण होते हुए दिखाना है, इसलिए तैयारियों को युद्ध स्तर पर अंजाम देना होगा। राय ने बताया कि ट्रस्ट के स्थानीय कार्यालय का चयन हो गया है, जिससे जुड़ी औपचारिकताएं पूर्ण की जानी हैं। उन्होंने बताया कि गर्भगृह की भूमि की मिट्टी की जांच के लिए नमूने लिए जाने का काम भी शीघ्र शुरू होगा। इस प्रक्रिया में दो दिन और रिपोर्ट आने में लगभग एक महीने का समय लगेगा। यह कार्य आइआइटी रुड़की की सिविल इंजीनियरिंग शाखा करेगी। गर्भगृह के नीचे 50 फीट तक हर 10 फीट के बाद एक फीट ऊंचा मिट्टी का नमूना एकत्र किया जाएगा।

 

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