Ayodhya Structure Demolition Case: कड़ी सुरक्षा में रही रामनगरी, अधिकारी लेते रहे पल-पल की खबर

Ayodhya Structure Demolition Case विध्वंस पर फैसले को लेकर सुरक्षा तंत्र रहा सतर्क। किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार दिखा। रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एडीजी जोन एसएन साबत भी यहां पहुंचे।

Divyansh RastogiPublish: Thu, 01 Oct 2020 01:04 AM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2020 01:04 AM (IST)
Ayodhya Structure Demolition Case: कड़ी सुरक्षा में रही रामनगरी, अधिकारी लेते रहे पल-पल की खबर

अयोध्या, जेएनएन। Ayodhya Structure Demolition Case: ढांचा विध्वंस मामले पर आए फैसले को अयोध्या ने पूरे संयम के साथ स्वीकार किया। न्याय पालिका के निर्णय को हर किसी ने शिरोधार्य किया और नगरी में कहीं भी बेचैनी नहीं दिखी। सुरक्षा तंत्र किसी भी आपात परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार दिखा। जिले की सीमा रामसनेहीघाट से लेकर अयोध्या तक पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पड़ोसी जिलों से भी समन्वय बनाकर अयोध्या की ओर भीड़ रोकने का प्रबंध दिखा। डीएम अनुज झा और डीआइजी दीपक कुमार सुबह ही रामनगरी पहुंच गए। प्रमुख मंदिरों व स्थलों का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने अधिकांश वक्त रामनगरी में ही बिताया। न्यायालय का फैसला चाहे जो हो सभी को मान्य होना चाहिए...। इस आह्वान के साथ अधिकारियों ने रामनगरी का भ्रमण कर आमजन से मुलाकात की। 

 

धारा-144 का कड़ाई से अनुपालन कराया गया। रामनगरी में कहीं भी जनसमूह नहीं दिखा। एडीएम सिटी डॉ. वैभव शर्मा, एसपी सिटी विजयपाल सिंह व सीओ अयोध्या आरके राय भ्रमणशील रहते हुए रामनगरी की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखे दिखेे। फैसले को लेकर मंगलवार शाम से ही ड्यूटी सक्रिय कर दी गई थी। बुधवार भोर से ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी रामनगरी पहुंच गए। अयोध्या विवाद से जुड़े रहे चेहरों के आवास व आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। जालपा चौराहा, टेढ़ी बाजार, श्रीराम चिकित्सालय और नयाघाट पर पुलिस निरंतर वाहनों की चेकिंग करती रही। गश्त के लिए पुलिस की तीन से चार अतिरिक्त मोबाइल टीमें लगाई गईं। सादी पोशाक में भी पुलिस की कई टीमें निगरानी में लगी रहीं। पुलिस मुख्यालय व शासन की ओर से भी रामनगरी की गतिविधियों के बारे में खबर ली जाती रही।

अयोध्या पुलिस की क्षमता का बेहतर प्रदर्शन

राममंदिर पर आए निर्णय के बाद बुधवार को अयोध्या विवाद से जुड़ा एक और अहम दिन था। पुलिस के सामने चुनौती बड़ी थी, लेकिन अयोध्या पुलिस ने अपनी क्षमता के बल पर इस अध्याय का भी समापन कर दिया। ऐसा पहली बार हुआ कि दूसरे जिलों से फोर्स अयोध्या नहीं आई। जिले की फोर्स ने रामनगरी सहित पूरे जिले में शांति-व्यवस्था को कायम रखा। डीआइजी ने भी अपने मातहतों की क्षमता की काफी प्रशंसा की है।

एडीजी जोन भी पहुंचे अयोध्या

ढांचा विध्वंस के फैसले के दिन रामनगरी की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने एडीजी जोन एसएन साबत भी यहां पहुंचे। आइजी रेंज डॉ. संजीव गुप्त और डीआइजी दीपक कुमार के साथ उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि परिसर, कार्यशाला, हनुमानगढ़ी प्रमुख स्थलों की सुरक्षा व निगरानी के इंतजाम देखे। रामजन्मभूमि परिसर में उन्होंने चल रहे कार्य और सुरक्षा के प्रस्तावित कार्ययोजना के मद्देनजर स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अग्रिम आदेशों तक रामनगरी में सुरक्षा व निगरानी के सख्त इंतजाम बरकरार रखने की हिदायत दी।

 

Edited By Divyansh Rastogi

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