कोरोना के वैरिएंट से बचने को हो जाएं सतर्क

जागरण संवाददाता इटावा कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रोन विदेशों से होते हुए अपने देश

JagranPublish: Thu, 09 Dec 2021 09:14 PM (IST)Updated: Thu, 09 Dec 2021 09:14 PM (IST)
कोरोना के वैरिएंट से बचने को हो जाएं सतर्क

जागरण संवाददाता, इटावा : कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रोन विदेशों से होते हुए अपने देश में भी दस्तक दे चुका है। ऐसे में नया वैरिएंट अपने देश में जगह न बना सके इसके लिए जरूरी है कि हम पांच जरूरी मंत्रों को अपने जीवन में पूरी तरह से उतार लें। यह पांच जरूरी मंत्र हैं समय से कोविड टीके की दोनों डोज को लगवाना, टीकाकरण के बाद भी मास्क को अपनाए रखना, दो गज की दूरी का पालन करना, हाथों की अच्छी तरह से सफाई का पूरा ख्याल रखना और एक-दूसरे से हाथ मिलाने से बचना। यह कहना है किग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा. सूर्यकांत का।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कोविड टीकाकरण के ब्रांड एंबेस्डर इटावा निवासी डा. सूर्यकांत का कहना है कि अभी तक की रिपोर्ट के मुताबिक नया वैरिएंट ओमिक्रोन डेल्टा वैरिएंट से भी पांच गुना ज्यादा संक्रामक है, कितु सबसे अच्छी बात यह है कि यह पहले जैसा घातक नहीं है। संक्रमण की चपेट में आने के बाद भी आइसीयू व आक्सीजन जैसी जरूरत तो नहीं पड़ेगी कितु वह किसी को अपनी चपेट में ही न ले सके इसके लिए सभी लोग जरूरी मंत्रों को अपनाएं। यह जरूरी मंत्र हमें कोरोना से ही नहीं बल्कि अन्य संक्रमण से भी बचाएंगे। टीके की दोनों डोज शरीर के अंदर संक्रमण से लड़ने की ताकत प्रदान करेंगी तो मास्क वायरस को शरीर के अंदर प्रवेश करने से रोकने में सहायक बनेगा। मास्क केवल कोरोना वायरस से ही हमारी रक्षा नहीं करता बल्कि निमोनिया, टीबी और वायु प्रदूषण की गिरफ्त में आने से भी हमें बचाता है। टीका लगवाने के बाद भी घर की दहलीज तभी पार करें जब मास्क से नाक व मुंह अच्छी तरह से ढके हों।

डा. सूर्यकांत का कहना है कि बाहर एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखें और कोशिश रहे कि भीड़भाड़ से बचकर ही रहें। इसके अलावा एक अन्य जरूरी मंत्र को अपने पूरे जीवन में उतार लें कि किसी से भी हाथ नहीं मिलाना है। अभिवादन करने या सम्मान व आदर करने के एक से एक तरीके मौजूद हैं तो हम हाथ क्यों मिलाएं क्योंकि यही वह कमजोर कड़ी है जब वायरस इधर से उधर जाने का मौका पा सकता है। एक दूसरे का नमस्ते या प्रणाम कहकर अभिवादन कर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी वस्तु या सतह के संपर्क में हाथों के आने के बाद साबुन-पानी या सेनेटाइजर से उनकी अच्छी तरह से सफाई जरूर करें। बाहर से घर लौटने पर भी साफ-सफाई का पूरा ख्याल रखें ताकि जूते-चप्पल या पहनी हुई किसी भी चीज के जरिए वायरस घर तक न पहुंच सके।

जश्न में भी न भूलें प्रोटोकाल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन-एएमएस के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन डा. सूर्यकांत का कहना है कि इस समय शादी-विवाह व अन्य समारोह में भी लोग शिरकत कर रहें हैं। इस सामाजिक दायरे का पालन जरूर कीजिए कितु कोविड के सारे प्रोटोकाल का पालन करते हुए, क्योंकि हमारी जरा सी भी चूक पर वायरस को एक बार फिर से सिर उठाने का मौका मिल सकता है। इसके अलावा इस माह क्रिसमस और नए साल के जश्न में भी यही पांच जरूरी मंत्र आपकी कोरोना वायरस से रक्षा करेंगे।

Edited By Jagran

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