तमंचे की नोंक पर युवक से 46 हजार की लूट

ग्राम कतौरा के पूर्व प्रधान कृष्णकुमार राय की चोरखरी चौराहे पर सहज जनसेवा केंद्र है। बुधवार की शाम करीब पांच बजे केंद्र पर रविद्र यादव व निकेंद्र विश्वकर्मा बैठकर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार पांच बदमाश पहुंचे। दुकान के भीतर तीन बदमाश घुस गए और दो बदमाश बाइक पर ही बैठे रहे।

JagranPublish: Wed, 19 Jan 2022 11:47 PM (IST)Updated: Wed, 19 Jan 2022 11:47 PM (IST)
तमंचे की नोंक पर युवक से 46 हजार की लूट

देवरिया: हाटा-गौरीबाजार मार्ग स्थित चोरखरी चौराहा पर सहज जनसेवा केंद्र पर काम करने वाले युवक से बुधवार की शाम बदमाशों ने तमंचे की नोंक पर 46 हजार रुपये लूट लिए। दो बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया। भागते समय बदमाशों ने हवा में फायरिग कर दहशत फैला दी। घटना के बाद लोग सहमे हुए हैं।

ग्राम कतौरा के पूर्व प्रधान कृष्णकुमार राय की चोरखरी चौराहे पर सहज जनसेवा केंद्र है। बुधवार की शाम करीब पांच बजे केंद्र पर रविद्र यादव व निकेंद्र विश्वकर्मा बैठकर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार पांच बदमाश पहुंचे। दुकान के भीतर तीन बदमाश घुस गए और दो बदमाश बाइक पर ही बैठे रहे। एक बदमाश ने तमंचा निकाला और रविद्र यादव के कनपटी पर सटाकर काउंटर में रखे 46 हजार रुपये लूट लिए। दोनों युवकों ने बदमाशों का विरोध किया। बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए फायरिग शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश हाटा की तरफ भाग निकले। फायरिग की आवाज सुनकर घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंचे सीओ जिलाजीत व प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय ने घटना की जानकारी ली। उन्होंने घटनास्थल से कुछ दूर पर स्थित एक निजी विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी खंगाला। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। बदमाशों की पहचान करने में पुलिस लगी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

याद किए गए समाजशास्त्र के जनक अगस्त काम्ट

रामजी सहाय पीजी कालेज के समाजशास्त्र विभाग में समाजशास्त्र के जनक अगस्त काम्ट की जयंती के अवसर पर वर्चुअल संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

प्राचार्य प्रोफेसर बृजेश कुमार पांडेय ने कहा कि अगस्त काम्ट एक मनीषी थे जिन्होंने बिखरे हुए समाज को एकजुट करने के लिए समाजशास्त्र जैसे विषय को बनाया।

मुख्य वक्ता दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर की प्रोफेसर संगीता पांडेय ने कहा कि सर्वप्रथम 13 से 22 वर्ष आयु काल में इस युवा क्रांतिकारी ने समाज का अध्ययन वैज्ञानिक आधार पर करने की बात की। विज्ञान और वैज्ञानिक ज्ञान के आधार पर ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है।

प्रोफेसर अनुराग द्विवेदी ने कहा कि समाजशास्त्र की उत्पत्ति में औद्योगिक क्रांति और फ्रांसीसी क्रांति से उत्पन्न स्थितियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समानता, भाईचारा और स्वतंत्रता के मूल्यों से समाज में नए-नए परिवर्तन की स्थिति बनी।

डीएवीपीजी कालेज आजमगढ़ के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डा.राकेश यादव ने कहा कि समाजशास्त्र का महत्व न केवल सैद्धांतिक है, अपितु व्यावहारिक भी है। डा. नीरज कुमार राय ने कहा कि 20 वर्ष की आयु में उत्पन्न विचारों के आधार पर अगस्त काम्ट ने पाजिटिव फिलासफी जैसे ग्रंथ की कालजयी रचना की। वे वैज्ञानिक विषय के साथ मानवतावादी विषय के पक्षधर रहे। संचालन डा. सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने किया।

Edited By Jagran

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