साहब रात को बहुत ठंड लगती है, चुनाव ड्यूटी से करें मुक्त

चंदौली विधानसभा चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने के लिए अधिकारी-कर्मचारी तरह-तरह की दलीलें दे रहे हैं।

JagranPublish: Mon, 17 Jan 2022 03:47 PM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 03:47 PM (IST)
साहब रात को बहुत ठंड लगती है, चुनाव ड्यूटी से करें मुक्त

जागरण संवाददाता, चंदौली : विधानसभा चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने के लिए अधिकारी-कर्मचारी तरह-तरह की दलीलें दे रहे हैं। एक मतदान कार्मिक ने प्रार्थना पत्र में लिखा कि साहब रात में बहुत ठंड लगती है, इसलिए चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाए। कर्मी की ड्यूटी उड़न दस्ता टीम में लगी है। इसलिए सूचना के बाद किसी भी वक्त मौके पर पहुंचना पड़ सकता है। इसलिए रात में ठंड का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्त किए जाने की अपील की है। हालांकि, जिला निर्वाचन अधिकारी ने सिर्फ कोरोना संक्रमितों को ही चुनाव ड्यूटी से मुक्त करने का फरमान जारी किया है। ऐसे में कर्मियों की दलीलें काम नहीं आ रहीं। विधानसभा चुनाव में नौ हजार मतदान कार्मिकों की ड्यूटी लगी है। इसके अलावा सर्विलांस, उड़नदस्ता समेत अन्य टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें आचार संहिता का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें दिन के साथ ही रात में भी ड्यूटी करनी पड़ रही। ऐसे में कई कर्मी चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने की दलील दे रहे हैं। कोई रात में ठंड तो कोई पुरानी बीमारी का हवाला देकर चुनाव ड्यूटी से मुक्त होने की जुगत लगा रहा है। इसको लेकर निर्वाचन दफ्तर में आवेदन आने शुरू हो गए हैं। निर्वाचन कार्यालय के कर्मियों की ओर से इसकी सूचना जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजी जा रही है। दरअसल, मतदान कार्मिकों के डाटा के पहले रेंडमाइजेशन के बाद चुनाव ड्यूटी कटवाने का मौका नहीं मिलेगा। इसलिए कर्मी पहले ही इसको लेकर सक्रिय हो गए हैं। कोशिश की जा रही कि किसी न किसी तरह से चुनाव ड्यूटी से नाम कट जाए। कोरोना पाजिटिव की लगानी होगी रिपोर्ट चुनाव ड्यूटी से उन्हीं मतदान कार्मिकों को मुक्ति मिलेगी, जो कोरोना से संक्रमित होंगे। इसके लिए उन्हें आवेदन के साथ आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट भी लगानी होगी। पाजिटिव होने की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव ड्यूटी से मुक्त किया जाएगा। रिपोर्ट भी हाल के दिनों की होनी चाहिए। कोरोना की पहली अथवा दूसरी लहर के दौरान कराई गई जांच की रिपोर्ट मान्य नहीं होगी। ' चुनाव को सकुशल संपन्न कराना अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। ऐसे में उन्हें ही इससे मुक्त किया जाएगा, जिनकी समस्या गंभीर होगी। बेवजह दलील देकर आवेदन करने वालों की ड्यूटी कदापि नहीं काटी जाएगी।

संजीव सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी

Edited By Jagran

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