केविके में लगाए गए आठ लाख के उपकरण बने शो-पीस

चंदौली सरकार किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित कर रही है लेकिन उन्हें स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी नहीं मिल पा रही।

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 04:59 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 04:59 PM (IST)
केविके में लगाए गए आठ लाख के उपकरण बने शो-पीस

जागरण संवाददाता, चंदौली : सरकार किसानों को उन्नत खेती के लिए प्रेरित कर रही है, लेकिन उन्हें स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी नहीं मिल पा रही। आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय की ओर से अचानक ग्रामीण मौसम सेवा केंद्र को बंद कर दिया गया। इसके लिए मुख्यालय स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में लगाए गए आठ लाख के उपकरण शो-पीस बने हुए हैं। इससे किसानों को स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी नहीं मिल पा रही है। पहले मौसम की पल-पल की अपडेट मिल जाती थी। किसानों को आंधी-बारिश, आकाशीय बिजली आदि के बारे में पहले ही सूचना मिल जाती थी। इससे खेती-किसानी में उन्हें काफी सहूलियत होती थी। किसानों को पल-पल के मौसम की जानकारी देने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में उपकरण लगाए गए थे। इसकी मानीटरिग कर अलर्ट जारी करने के लिए मौसम विज्ञानी की भी नियुक्ति की गई थी। हालांकि, विभागीय समस्याओं के चलते ग्रामीण मौसम सेवा केंद्र को नवंबर में प्रोजेक्ट कर दिया गया। वहीं संविदा पर रखे गए मौसम विज्ञानियों की नियुक्ति भी रद कर दी गई। इससे अब किसानों को स्थानीय स्तर पर मौसम की जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे उनके लिए परेशानी बढ़ गई है। मौसम विज्ञान केंद्र से पहले इंटरनेट मीडिया के जरिए सूचनाएं प्रसारित की जाती थीं। विभाग के वाट्सएप ग्रुप से किसानों को जोड़ा गया था। इसलिए जो भी सूचना प्रसारित होती थी, वह तत्काल किसानों तक पहुंच जाती थी। फिलहाल ग्रामीण मौसम सेवा केंद्र की सुविधा ठप होने से किसानों के लिए परेशानी बढ़ गई है। आसमान में बादल देखकर ही मौसम का अंदाजा लगा रहे हैं। ' ग्रामीण मौसम सेवा केंद्र बंद होने से परेशानी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसे चालू कराने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र चालू होने के बाद किसानों की समस्या दूर हो जाएगी। डाक्टर एसपी सिंह, प्रभारी, कृषि विज्ञान केंद्र।

Edited By Jagran

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