बाल पिटारा एप्लिकेशन से ककहरा सीखेंगे नौनिहाल

जागरण संवाददाता चंदौली आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने अब बाल पिटारा एप्लिकेशन से क

JagranPublish: Mon, 24 Jan 2022 03:46 PM (IST)Updated: Mon, 24 Jan 2022 03:46 PM (IST)
बाल पिटारा एप्लिकेशन से ककहरा सीखेंगे नौनिहाल

जागरण संवाददाता, चंदौली : आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले नन्हे-मुन्ने अब बाल पिटारा एप्लिकेशन से ककहरा सीखेंगे। बाल विकास परियोजना विभाग ने इसके लिए पहल की है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभिभावकों के मोबाइल फोन में एप्लिकेशन अपलोड कराएंगी। माता-पिता इसके जरिए अपने बच्चों को पढ़ाएंगे। एप्लिकेशन में पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए खेल का रूप दिया गया है ताकि नन्हे-मुन्ने आसानी से पढ़ाई पूरी कर सकें।

कोरोना काल में पठन-पाठन सबसे अधिक प्रभावित रहा। परिषदीय स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक की पढ़ाई आनलाइन हो गई। ऐसे में आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए बाल पिटारा एप्लिकेशन लांच किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव अभिभावकों के एंड्रायड मोबाइल फोन में इसे अपलोड कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एप्लिकेशन में पढ़ाई को रुचिकर बनाने के लिए खेल का रूप दिया गया है। माता-पिता उन्हें घर पर ही हिदी, गणित समेत अन्य विषयों के बारे में बताएंगे। मोबाइल फोन की पढ़ाई बच्चों को भाएगी। इससे पढ़ाई के प्रति उनमें रूझान बढ़ेगा। वहीं कोरोना काल में स्कूल बंद होने के बावजूद पठन-पाठन पूरी तरह से ठप नहीं होगा।

32 कहानी व 32 कविताएं रहेंगी अपलोड

बाल पिटारा एप्लिकेशन में 32 कहानियां व 32 कविताएं अपलोड रहेंगी। अभिभावक बच्चों को कहानी व कविता याद कराएंगे। नैतिक शिक्षा से जुड़ी कहानियों व कविताओं से नन्हे-मुन्नों की जानकारी बढ़ेगी। वहीं उनका मनोरंजन भी होगा।

एप्लिकेशन सिखाएगा संस्कार

एप्लिकेशन में 384 प्रकार की गतिविधियां अपलोड रहेंगी। अभिभावक अपने बच्चों को इसे सिखाएंगे। मसलन, सुबह उठकर मुंह धोना, दांत साफ करने, खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोने के साथ ही दिनचर्या और शिक्षण कार्य से जुड़ी अच्छी गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलेगी। उम्मीद जताई जा रही कि विभाग की यह पहल कारगर साबित होगी। ' आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभिभावकों के मोबाइल फोन में बाल पिटारा एप्लिकेशन अपलोड कराने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आंगनबाड़ी में नामांकन कराने वाले बच्चे भी घर बैठे आनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। वहीं पठन-पाठन में उनकी रुचि भी बढ़ेगी।

जया त्रिपाठी, जिला कार्यक्रम अधिकारी।

Edited By Jagran

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