मोक्षदायिनी के तट पर आस्था का सैलाब

- कल्पवास क्षेत्र में दिन भर हुआ भजन कीर्तन स्नान कर आस्थावानों ने गरीबों को किया दान - सीताम

JagranPublish: Fri, 14 Jan 2022 05:12 PM (IST)Updated: Fri, 14 Jan 2022 05:12 PM (IST)
मोक्षदायिनी के तट पर आस्था का सैलाब

- कल्पवास क्षेत्र में दिन भर हुआ भजन कीर्तन, स्नान कर आस्थावानों ने गरीबों को किया दान

- सीतामढ़ी, सेमराध से लेकर रामपुर गंगा घाटों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

- बाजारों में उमड़ी रही भीड़, खेत से लेकर सड़क तक जमकर हुई पतंगबाजी

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : काशी प्रयाग के मध्य सेमराधनाथ माघ मेले के कल्पवासी हों या गोपीगंज का रामपुर गंगा घाट। स्नान के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। डुबकी लगाने के साथ हर-हर गंगे का जयकारा गूंजता रहा। सेमराध मेले में कल्पवासियों के भजन- कीर्तन की गूंज दूर तलक गुंजायमान रही। मकर संक्रांति पर आस्था का यह जमघट तंबुओं की नगरी से लगायत कई गांवों के गंगा घाटों पर लगा रहा।

संक्रांति पर्व पर शुक्रवार को मौसम भी बदला- बदला रहा। दो दिन की मान्यता होने के कारण पहले दिन श्रद्धालू अल सुबह सिर पर गठरी बांधे हर- हर गंगे, जय- जय गंगे जपते रेती पर पग बढ़ाए जा रहे थे। श्रद्धा के आगे ठंडी तब तक पानी- पानी हो चली थी जब तक बेहद गलते जल में डुबकी मारता शरीर कठुआ हो गया लेकिन कंठ से हर- हर गंगे का बोल बंद नहीं हुआ। इन आस्थावानों की भीड़ में वह वृद्ध भी थे जो खुद चलने- फिरने में पूरी तरह सक्षम नहीं थे तो वह युवा और घूंघट में रहने वाली दुल्हन भी गंगा में डुबकी लगाने के लिए बेताब दिखी। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में भी सैकड़ों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। स्नान करने के बाद आदि शक्ति का विधि- विधान से पूजन अर्चन किया। सुरक्षा के मद्देनजर तहसीलदार विजय प्रताप यादव पूरी टीम के साथ गंगा घाट पर जमे रहे।

गोपीगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय रामपुर, बिहरोजपुर, गुलौरी, इब्राहिमपुर, बदरी, गोपालापुर, केदारपुर, बेरासपुर आदि गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो दोपहर तक चलता रहा। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और दान कर पुण्य कमाया। अव्यवस्था का बोलबाला यह रहा कि घाटों पर सफाई न होने से भक्तों को दिक्कत उठानी पड़ी। बिहरोजपुर गांव में उमड़ी भीड़ की वजह से घाट मेला की शक्ल में बदल गया था। यहां पर तरह- तरह की दुकानें भी सजी रही। महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार स्थानीय गेंगराव, नेवड़िया आदि गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ लगी रही। स्नान करने के बाद भक्त तिल आदि का दान भी कर रहे थे। इटवां गांव में परंपरागत मेला का भी आयोजन भी किया गया। यहां पर भी तरह- तरह की दुकानें सजी रहीं। स्नान करने के बाद गृहणियां गृहस्थी के सामानों की खरीदारी करने में जुटी रहीं।

Edited By Jagran

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