व्रती महिलाओं ने चंद्रदर्शन कर किया पूजन

जागरण संवाददाता ज्ञानपुर (भदोही) पुत्र की दीर्घायु एवं मंगल कामना के लिए महिलाओं ने गणेश्

JagranPublish: Fri, 21 Jan 2022 07:43 PM (IST)Updated: Fri, 21 Jan 2022 07:43 PM (IST)
व्रती महिलाओं ने चंद्रदर्शन कर किया पूजन

जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : पुत्र की दीर्घायु एवं मंगल कामना के लिए महिलाओं ने गणेश चौथ व्रत रखा। पूरे दिन भर निर्जला व्रत रही, देर शाम भगवान श्रीगणेश की विधिवत पूजा अर्चना की गई। लड्डू, काला तिल, गुड़ व ऋतु फल के साथ भोग अर्पित किया गया। चंद्रमा का दर्शन करके विधि-विधान से व्रत का पारण किया।

पर्व को लेकर सुबह से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी। सुबह से ही व्रती महिलाओं ने गंगा स्नान कर घर में आंगन को गोबर से लेपन करके पूजन सामानों के साथ भगवान गणपति की आकृति बनाकर शाम को पूजन किया गया। पूजा अर्चना संपन्न होने के बाद चंद्रोदय के दर्शन करके महिलाओं ने निर्जला व्रत तोड़कर फलाहार किया । लाला नगर प्रतिनिधि के अनुसार : गणेश चतुर्थी एवं संकट चतुर्थी पर व्रतियों ने सुबह स्नान, ध्यान के बाद व्रत का संकल्प लेकर गणेश पूजन किया। दुर्वा मोदक व अन्य मिष्ठान आदि का भोग लगाया। घी के दीप जलाए। पूजन और आरती की। सनातन धर्म में माघ कृष्ण पक्ष चतुर्थी अर्थात गणेश चतुर्थी का अपना एक विशेष स्थान है। शास्त्र के अनुसार इस व्रत को उसी चतुर्थी में करना चाहिए जो चंद्रमा के उदय में व्याप्त हो। क्योंकि संकष्टी चतुर्थी की व्रत कथा में चौथ का चंद्रमा उदय होने पर विघ्न विनाशक प्रथम आराध्य गणेश जी के साथ चंद्र पूजन और अर्घ देने का विधान है। साविधि पूजन अर्चन से व्रतियों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। पुत्र, पौत्रादि के दीर्घायु के साथ ही पुत्रादि का सुख भी प्राप्त होता है।

Edited By Jagran

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