केंद्रों से निराश लौटे सैकड़ों परीक्षार्थी, हंगामा

सेंट्रल एकेडमी स्कूल पर बड़ी संख्या में लोग परीक्षा से वंचित हुए तय समय से पूर्व गेट बंद करने का आरोपडीआइओएस ने इसे नकारा

JagranPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:12 PM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:12 PM (IST)
केंद्रों से निराश लौटे सैकड़ों परीक्षार्थी, हंगामा

जागरण संवाददाता, बस्ती : शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में समय सीमा की कड़ाई के चलते सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र से निराश होकर लौटना पड़ा। गेट पर रोके जाने को लेकर चार केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर केंद्रों के बाहर पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई। परीक्षार्थियों का आरोप है कि निर्धारित समय के पूर्व ही गेट को बंद कर दिया गया। जो अभ्यर्थी लाइन में लगे थे, उन्हें समय की बंदिशों का हवाला देकर गेट से ही वापस लौटा दिया गया। पहली पारी में परीक्षा देने वाले तमाम परीक्षार्थी दूसरी पाली की परीक्षा में अभिलेखों में कमी बता बाहर कर दिए गए। इन सबके बीच दोनों पालियों की परीक्षा सकुशल संपन्न होने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

जिले के 37 केंद्रों पर टीईटी की परीक्षा दो पालियों में हुई। सुबह दस बजे से दोपहर 12.30 बजे तक पहली पाली की परीक्षा में 17664 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। जिसमें 15745 उपस्थित हुए। 1919 अनुपस्थित रहे। 2.30 बजे से शाम 5 तक की दूसरी पाली में कुल 11328 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। मगर 10116 परीक्षार्थी शामिल हुए। 1212 अनुपस्थित रहे। बेगम खैर ग‌र्ल्स इंटर कालेज, खैर इंडस्ट्रियल इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, राजकीय कन्या इंटर कालेज, एपीएनपीजी कालेज, महिला महाविद्यालय, श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कालेज व हंसराज लाल इंटर कालेज गनेशपुर सहित अन्य केंद्र बनाए गए थे। निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पूर्व परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को पहुंचना था। सुबह से ही केंद्र पर पहुंचना शुरू कर दिए थे। निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पूर्व से ही उन्हें गेट के अंदर प्रवेश कराया जाना था। कुछ को पहचान से जुड़े कागजात अधूरे होने के नाते तो कुछ को समय सीमा का हवाला देकर उन्हें गेट से लौटा दिया गया।

प्रथम पाली की परीक्षा में खैर इंडस्ट्रियल कालेज में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को प्रवेश की निर्धारित समय सीमा का हवाला देकर उन्हें गेट से वापस लौटा दिया गया। लाइन में लगे परीक्षार्थियों की एक भी नहीं सुनी गई। आरोप है कि वो समय से लाइन में कतारबद्ध खड़े थे लेकिन निर्धारित समय से दो मिनट पहले ही गेट बंद कर दिया गया। जो लोग लाइन में लगे थे उन्हें वापस लौटा दिया गया। जिसको लेकर परीक्षार्थी काफी नाराज हुए। सेंट्रल एकेडमी स्कूल में 9.30 बजे तक ही प्रवेश दिया गया। यहां बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं मिल पाया। कई महिला परीक्षार्थी रोने लगी। परीक्षा में शामिल न होने की वजह से वे सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों से नोंकझोंक करने लगे। मामले को बिगड़ता देख अतिरिक्त पुलिस बल बुला लिया गया। कलवारी एसओ अरविद कुमार शाही ने अभ्यर्थियों को समझा बुझाकर शांत कराया। यहां परीक्षा देने आई परीक्षार्थी आरती परीक्षा से वंचित होने पर रो रही थी। बताया कि वह इस परीक्षा की तैयारी के लिए दिन रात एक की थी। परीक्षा देने के लिए मन में काफी उत्साह था। लेकिन केंद्र पर प्रवेश का निर्धारित समय पूरा होने का हवाला देकर परीक्षा से वंचित कर दिया गया। कहा कि जो समय की बर्बादी हुई है इसकी भरपाई कौन करेगा। कपिल गंगा पब्लिक स्कूल पर भी यही नजारा रहा। द्वितीय पाली में बेगम खैर ग‌र्ल्स इंटर कालेज में कुछ परीक्षार्थियों को निर्धारित समय का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया गया। यहां परीक्षा देने भानपुर के खैरा से आए प्रेम कुमार ने बताया कि पहली पाली में उन्हें जिन कागजात पर प्रवेश दिया गया दूसरी पाली में उसी कागजात को नकार दिया। जिससे दूसरी पाली की परीक्षा नहीं दे पाए। नवीन कुमार श्रीवास्तव, शुभी त्रिपाठी ने कहा कि वह लोग लाइन में लगे थे। जैसे ही उनकी बारी आई गेट को बंद कर उन्हें प्रवेश का समय पूरा होने की बात कहकर वापस कर दिया गया।

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परीक्षा केंद्रों का भ्रमण करते रहे सेक्टर मजिस्ट्रेट

टीईटी परीक्षा को शुचितापूर्ण व पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए दिनभर एक केंद्र से दूसरे केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट भ्रमण करते रहे। प्रत्येक केंद्र पर पर्यवेक्षक के अलावा स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। परीक्षा सकुशल संपन्न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

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निर्धारित समय के अनुसार परीक्षा के डेढ़ घंटे पूर्व ही गेट के अंदर प्रवेश दिया जा रहा था। परीक्षा शुरू होने के आधे घंटे पहले प्रवेश पर रोक था। परीक्षा में लगे अधिकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर अभ्यर्थियों को प्रवेश कराएं है। जो निर्धारित समय के बाद पहुंचे है उन्हें ही परीक्षा से वंचित होना पड़ा है।

डीएस यादव, डीआइओएस

Edited By Jagran

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