UP Assembly Elections 2022 : बसपा परख रही सुरक्षित सीटों के वोट बैंक का मन, अपनाएगी मुस्लिम, ब्राह्मण का गठजोड़

UP Assembly Elections 2022 बहुजन समाजवादी पार्टी ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत परंपरागत-बुनियादी वोट बैंक का मन टटोलने के साथ की है। प्रदेश की सुरक्षित सीटों के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्षों का बुलाकर उनके क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई।

Ravi MishraPublish: Thu, 25 Nov 2021 08:35 AM (IST)Updated: Thu, 25 Nov 2021 08:35 AM (IST)
UP Assembly Elections 2022 : बसपा परख रही सुरक्षित सीटों के वोट बैंक का मन, अपनाएगी मुस्लिम, ब्राह्मण का गठजोड़

बरेली, जेएनएन। UP Assembly Elections 2022 : बहुजन समाजवादी पार्टी ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत परंपरागत-बुनियादी वोट बैंक का मन टटोलने के साथ की है। मंगलवार को प्रदेश की सुरक्षित सीटों के विधानसभा क्षेत्र अध्यक्षों का बुलाकर उनके क्षेत्र की स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। इस कवायद के पीछे मंशा यह भी मानी जा रही कि पार्टी परखना चाह रही कि परंपरागत वोट बैंक किसी अन्य पार्टी से प्रभावित तो नहीं हो रहा। अब तक की तैयारियां क्या हैं, भाजपा व सपा की स्थिति क्या है, इन सभी बिंदुओं को परखा जा रहा।

जिले में फरीदपुर विधानसभा सीट सुरक्षित है। यहां वर्ष 1957 में पहला चुनाव हुआ था, तब भी सुरक्षित थी। वर्ष 1967 में सीट सामान्य हुई। वर्ष 1974 में इसे दोबारा सुरक्षित कर दिया गया। पहले चुनाव में कांग्रेस, दूसर में जनसंघ, तीसरे में कांग्रेस, चौथे और पांचवें चुनाव में भारतीय क्रांति दल ने जीत हासिल की। इसके बाद जनता पार्टी, भाजपा, कांग्रेस, निर्दलीय की जीत हुई। बाद में भाजपा व बसपा के बीच सीधे टक्कर होती रही।

बसपा का ऐसा रहा प्रदर्शन: 2007 के चुनाव में बसपा के विजयपाल सिंह चुनाव जीते थे। उन्हें 39,371 वोट मिले थे जोकि करीब 35 फीसद थे। इस चुनाव में सपा के डा सियाराम सागर 28 फीसद मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। उन्हें 30, 890 वोट मिले थे। तक भाजपा तीसरे नंबर पर थी। वर्ष 2012 के चुनाव में बसपा का वाट प्रतिशत कम हुआ। 21 फीसद वोट मिले मगर, प्राप्त घाटों की संख्या 36,244 थी।

वह चुनाव सपा के डा. सियाराम सागर जीते थे। जिन्हें 60, 837 मत मिले। 35 फीसद बोट पाकर सपा ने जनाधार बढ़ाया। पिछले चुनाव में बसपा का वाेट फीसद और कम हुआ। तब पार्टी प्रत्याशी की 19.81 प्रतिशत वोट मिले थे। भाजपा के विजयी डा. श्याम बिहारी लाल को करीब 44 फीसद वोट मिले थे। ऐसे में बसपा का जोर सुरक्षित सीट को लेकर है। प्रयास किया जा रहा कि परंपरागत बोर्ट छिटके नहीं।

इतने हैं मतदाता

पिछले चुनाव में विधानसभा क्षेत्र में करीब तीन लाख मतदाता थे। इनमें एक लाख, 68 हजार, 346 पुरुष और एक लाख 38 हजार, 333 महिला मतदाता थीं। जातिगत आंकड़ों की सत्यता की पुष्टि नहीं होती है मगर, माना जाता है कि इनमें सर्वाधिक मुस्लिम हैं। संख्या करीब 62 हजार बताई जाती है। इसके बाद क्षत्रिय मतदाता करीब 50 हजार, अनुसूचित जाति के करीब 44 हजार, ब्राह्मण करीब 32 हजार, कायस्थ करीब 12 हजार, यादव करीब 28 हजार, वैश्य करीब 20 हजार है।

Edited By Ravi Mishra

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