विकट ठंड और बारिश, नौकरी की खातिर सबकुछ बर्दाश्‍त करते परीक्षा केंद्र तो हुआ यह

उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा देने आए दूर दराज के परीक्षार्थियों को बारिश की वजह से अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिशप मंडल इंटर कालेज जीआइसी जीआरएम स्कूल समेत कई केंद्रों पर साढ़े नौ बजे ही प्रवेश पर रोक लगा दी गई।20 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचे परीक्षार्थी चीखते रहे।

Ravi MishraPublish: Sun, 23 Jan 2022 11:13 AM (IST)Updated: Sun, 23 Jan 2022 11:13 AM (IST)
विकट ठंड और बारिश, नौकरी की खातिर सबकुछ बर्दाश्‍त करते परीक्षा केंद्र तो हुआ यह

जासं, बरेली : उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा देने आए दूर दराज के परीक्षार्थियों को बारिश की वजह से अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिशप मंडल इंटर कालेज, जीआइसी, जीआरएम स्कूल समेत कई केंद्रों पर साढ़े नौ बजे ही प्रवेश पर रोक लगा दी गई। इसके बाद परीक्षा से 15 और 20 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचे परीक्षार्थी चीखते और चिल्लाते रहे। गेट पर खड़े कर्मचारियों से भीतर जाने की दुहाई मांगते रहे। लेकिन 10 बजे तक उन्हें भीतर नहीं जाने दिया गया।

बारिश और भयंकर ठंड में परीक्षा देने आए परीक्षार्थी बार बार यह बताते रहे की उनका अंतिम मौका है, फिर वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे। रविवार को सुबह 10 बजे से परीक्षार्थियों की थर्मल स्कैनिंग के बाद परीक्षा केंद्रों में प्रवेश दिया गया। सुबह से हो रही लगातार बारिश के कारण लगभग सभी परीक्षा केंद्रों पर सैकड़ों परीक्षार्थी बारिश में भीग कर एक मौका दिए जाने की मांग करते रहे। सभी केंद्रों पर यही स्थिति रही। परीक्षा का तय समय निकलने के बाद भी कई छात्र, छात्राएं वहां आते रहे। गेट पर कर्ममचारियों से बहस होती रही। देरी से आने वालों में अधिकतर परीक्षार्थी बरेली जिले के बजाए जा रहे। सेंटर करीब होने के दावे पर वे सुबह परीक्षा केंद्र की ओर चले मगर, बारिश होने से देरी हो गई। जबकि, जिन  परीक्षार्थियों को दूसरे जिलों से आना था, वे रात ही पहुंचने लगे थे। बसों सेे  पहुंचने वाले छात्रा रात को सेटेलाइट और पुराने बस स्‍टैंड पर रुके थे। जबकि ट्रेन से आने वाले छात्र रेलवे जंक्‍शन और बरेली सि‍टी रेलवे स्‍टेशन पर रुके। सुबह होते ही केंद्र पहुंच गए। 

Edited By Ravi Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept