कृषि कानून वापस होने पर पीलीभीत के किसान बोले, गुरु पर्व पर मिला पीएम का तोहफा, दोगुनी हो गईं खुशियां

PM Modi Gift Repeal of Farm Laws on Gurupurab 2021 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि कानून वापस किए जाने की घोषणा पर किसानों में चैतरफा खुशी का माहौल है। गुरु पर्व पर प्रधानमंत्री द्वारा यह घोषणा किए जाने पर पीलीभीत के किसान इसे बेहद सराहनीय बता रहे हैं।

Samanvay PandeyPublish: Fri, 19 Nov 2021 10:44 AM (IST)Updated: Fri, 19 Nov 2021 10:44 AM (IST)
कृषि कानून वापस होने पर पीलीभीत के किसान बोले, गुरु पर्व पर मिला पीएम का तोहफा, दोगुनी हो गईं खुशियां

बरेली, जेएनएन। PM Modi Gift Repeal of Farm Laws on Gurupurab 2021 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कृषि कानून वापस किए जाने की घोषणा पर किसानों में चैतरफा खुशी का माहौल है। गुरु पर्व पर प्रधानमंत्री द्वारा यह घोषणा किए जाने पर पीलीभीत के किसान इसे बेहद सराहनीय बता रहे हैं। उनमें बेहद उल्लास देखा जा रहा है। पिछले एक साल से कृषि कानून वापस किए जाने को लेकर दिल्ली बार्डर पर आंदोलन हो रहा है। इस आंदोलन के दौरान कई किसानों की जान भी जा चुकी है। सैकड़ों किसानों पर मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं।

किसान लगातार धैर्य के साथ आंदोलन जारी रखे हुए थे और अग्रिम रणनीति बनाकर कार्य कर रहे थे। शुक्रवार को गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा तीनों कृषि कानून वापस किए जाने की बात पर किसानों में उल्लास दौड़ गया। किसान इसे गुरु पर्व की कृपा बता रहे हैं और बेहद खुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रही लड़ाई में आखिरकार उनकी धैर्य रखने से जीत हुई। सरकार ने यह कार्य किया है यह बेहद सराहनीय है। किसान सरकार का धन्यवाद देते हैं।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष स्वराज सिंह ने बताया कि सरकार को कृषि कानून को पहले ही वापस ले लेना चाहिए था। अगर पहले कृषि कानून वापस होता तो सैकड़ों किसानों की जान न जाती। गुरू पर्व पर सरकार द्वारा यह फैसला लेना बेहद सराहनीय है। किसान इसकी प्रशंसा करते हैं।

अन्नदाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह का कहना है कि गुरु पर्व पर किसानों को जो तोहफा दिया गया है वह बेहद सराहनीय है। गुरू पर्व किसान उल्लास से मनाएंगे। कृषि कानून वापस होना किसानों के लिए दीवाली है। इसके लिए किसानों की तरफ से धन्यवाद।

भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष सुखजीत सिंह औलख का कहना है कि कृषि कानून वापस होने पर किसानों को बहुत बहुत बधाई है। उनके धैर्य और साहस की वजह से ही कृषि कानून वापस हो सके। सरकार को यह तीनों काननू पहले ही वापस कर देने चाहिए थे। सरकार का यह कार्य बेहद सराहनीय है।

Edited By Samanvay Pandey

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