आरटीओ की आनलाइन परीक्षा में फेल हुए बरेली के 65 प्रतिशत छात्र, कैसे बनेगा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस

Online Learning Driving License Exam पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदकों को कई बार दलालों से संपर्क करना पड़ता था। यही नहीं सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक का खर्च भी उठाना पड़ता था।

Ravi MishraPublish: Sat, 15 Jan 2022 08:58 AM (IST)Updated: Sat, 15 Jan 2022 08:58 AM (IST)
आरटीओ की आनलाइन परीक्षा में फेल हुए बरेली के 65 प्रतिशत छात्र, कैसे बनेगा लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस

बरेली, जेएनएन। Online Learning Driving License Exam : पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदकों को कई बार दलालों से संपर्क करना पड़ता था। यही नहीं सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक का खर्च भी उठाना पड़ता था। आवेदकों को सहूलियत देते हुए सरकार की ओर से लर्निंग लाइसेंस के लिए आनलाइन प्रक्रिया बीते दिनों से शुरू की गई है। आवेदक को आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर आनलाइन टेस्ट देना होता है। अगर उसमें पास नहीं होते हैं तो दुबारा भी मौका दिया जाएगा। आनलाइन टेस्ट की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। लगभग 200 लोगों ने आनलाइन आवेदन किया। जिसमें से 130 लोगों ने आनलाइन टेस्ट भी दिया। लेकिन उसमें से 65 प्रतिशत आवेदक फेल हो गए। जबकि पहले आफलाइन में सिर्फ 25 से 35 प्रतिशत आवेदक फेल होते थे।

एक नजर आनलाइन व्यवस्था पर

- 6 जनवरी से शुरु हुए आवेदन

- 200 लोगों ने किया आवेदन

- 130 लोगों ने दिया टेस्ट

- 65 प्रतिशत हुए फेल

- महज 35 प्रतिशत ही हुए उ्त्तीर्ण

- 50 रुपये देनी होगी दुबारा परीक्षा फीस

- 350 रुपये है आनलाइन फीस

- 10 से 15 प्रश्नों का देना होता है जवाब

नहीं करना पड़ रहा महीनों का इंतजार

लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए पहले महीनों का इंतजार करना पड़ता था। जिसके लिए पहले परिवहन विभाग के फार्म भरने के लिए चक्कर लगाने पड़ते थे। उसके बाद फार्म जमा करके आफलाइन टेस्ट देना होता था। जिसके लिए घंटो समय देना होता था। लेकिन अब यह आसान हो गया है। एक ही दिन में आनलाइन स्लाट बुक कराने के बाद टेस्ट देने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीन दिन में पूरा हो जाता है प्रोसेस।

नहीं देनी होगी दलालों को फीस

आफलाइन डीएल बनवाने की प्रक्रिया में कई बार जल्दी काम कराने के चक्कर में अतिरिक्त रुपये देने पड़ते थे। जिसमें फीस के अलावा दलालों को रुपये देने होते थे। क्योंकि कई लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है। ऐसे में आरटीओ के बाहर मौजूद दलालों से संपर्क करते हैं। सौदा तय होने के बाद ये दलाल सांठगांठ कर डीएल जारी करवा देते थे। अब डीएल बनवाने की आनलाइन प्रक्रिया से दलालों का दखल काफी हद तक बंद हो गया है।

परिवहन विभाग ने ई-लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ताकि लोगों का समय बच सके। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब किसी को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। आनलाइन आवेदन कर घर बैठे परीक्षा भी दे सकते हैं। मनोज सिंह, एआरटीओ प्रशासन

Edited By Ravi Mishra

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept