पीलीभीत में सपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्‍याशी को नहीं दिया टिकट, अब यह राजनीतिक दल चल सकता है बड़ा दांव

तराई के जिला पीलीभीत में भाजपा और समाजवादी पार्टी की तरह बहुजन समाज पार्टी का जनाधार है। हालांकि बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा की भांति कभी भी चारों सीटों पर परचम नहीं लहराया है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में बीसलपुर सीट पर पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां जीते थे।

Ravi MishraPublish: Thu, 27 Jan 2022 08:45 AM (IST)Updated: Thu, 27 Jan 2022 08:45 AM (IST)
पीलीभीत में सपा ने एक भी मुस्लिम प्रत्‍याशी को नहीं दिया टिकट, अब यह राजनीतिक दल चल सकता है बड़ा दांव

बरेली (देंवेंद्र देवा)। UP Assembly Election 2022 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने पीलीभीत जनपद की चारों विधानसभा सीटों के अधिकृत उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। वहीं कांग्रेस ने भी उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया है। इन पार्टियों के प्रत्याशी चयन के बाद तेजी से बदल रहे चुनावी समीकरणों पर बहुजन समाज पार्टी बड़ी बारीकी से निगाह लगाए हुए हैं। चूंकि समाजवादी पार्टी ने चारों सीटों पर कोई भी मुस्लिम चेहरा चुनावी समर में नहीं उतारा है। ऐसे में बहुजन समाज पार्टी में पीलीभीत सदर सीट पर मुस्लिम कार्ड खेलने के लिए मंथन चल रहा है। अगले 48 घंटों में बसपा की तस्वीर पूरी तरह साफ होने के आसार हैं।

तराई के जिला पीलीभीत में भाजपा और समाजवादी पार्टी की तरह बहुजन समाज पार्टी का जनाधार है। हालांकि बहुजन समाज पार्टी ने भाजपा की भांति कभी भी चारों सीटों पर परचम नहीं लहराया है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार के तौर पर बीसलपुर सीट पर पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां फूल बाबू तथा पूरनपुर सीट पर अरशद खां जीते थे। जनपद में अनीस अहमद खां फूल बाबू बहुजन समाज पार्टी के सबसे कद्दावर नेता के तौर पर पहचान रखते हैं। यही वजह है कि बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने इस बार भी अनीस अहमद खां को सबसे पहले पार्टी उम्मीदवार घोषित किया था। जबकि जनपद की बाकी तीन विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए बसपा के रणनीतिकार दूसरे दलों के उम्मीदवारों की घोषणा से तेजी से बदल रहे चुनावी समीकरणों का विश्लेषण करने में जुटे हैं। समाजवादी पार्टी ने चारों सीटों पर बीती शाम उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जिसमेें किसी भी सीट पर सपा ने मुस्लिम चेहरा चुनावी समर मेें नहीं उतारा है। जबकि सपा टिकट के दावेदारों में मुस्लिम दावेदारों की संख्या अधिक रही है। खासकर पीलीभीत सदर सीट को लेकर सबसे ज्यादा गहमागहमी का माहौल है। पीलीभीत सदर सीट पर सपा के वरिष्ठ नेता पूर्व कैबिनेट मंत्री हाजी रियाज अहमद का लंबे समय से कब्जा रहा था। वह पांच बार विधायक चुने गए थे। विगत वर्ष कोरोना संक्रमण से हाजी रियाज का निधन हो गया था। जिसके बाद उनके स्वजन को टिकट देने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन सपा हाईकमान ने डॉ. शैलेंद्र गंगवार को टिकट दे दिया है। ऐसे में बसपा सदर सीट पर मुस्लिम कार्ड खेलने के लिए मंथन कर रही है। सदर क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या करीब डेढ़ लाख है।

वर्ष 2017 के चुनाव में बसपा

पीलीभीत सदर - अरशद खां- 14,532

बरखेड़ा - डॉ. शैलेंद्र गंगवार- 28,674

पूरनपुर सुरक्षित - इंजीनियर केके अरविंद- 20,139

बीसलपुर- दिव्या गंगवार- 45,338

सर्व समाज का भला करेगी पार्टी: बसपा जिलाध्‍यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जल्द ही जिले की तीनों सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम घोषित कर देगी। उम्मीदवारों के चयन में पार्टी कुछ ऐसा करेगी, जिससे सर्व समाज का भला हो सके। स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर पार्टी में मंथन चल रहा है। जल्द ही उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएंगे। पार्टी बीसलपुर सीट से पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां फूलबाबू को पहले ही उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। 

Edited By Ravi Mishra

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