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बरेली में डोहरा रोड के किनारे लगे आठ सौ पेड़ों को उखाड़कर ले जाया जाएगा 25 किमी दूर, जानिये कैसे

डोहरा रोड के किनारे लगे पेड़ों को वहां से करीब 25 किलोमीटर दूर मंझा गांव में ट्रांसलोकेट किए जाने की तैयारी है। इसके लिए बीडीए ने दिल्ली की कुछ कंपनियों से संपर्क साधा है। दिल्ली से टीम यहां आकर पेड़ों का सर्वे करेगी और उन्हें ट्रांसलोकेट की संभावनाएं तलाश करेगी।

Samanvay PandeyMon, 07 Jun 2021 01:30 PM (IST)
बरेली में डोहरा रोड के किनारे लगे आठ सौ पेड़ों को उखाड़कर ले जाया जाएगा 25 किमी दूर, जानिये कैसे

बरेली, जेएनएन। डोहरा रोड के किनारे लगे पेड़ों को वहां से करीब 25 किलोमीटर दूर मंझा गांव में ट्रांसलोकेट किए जाने की तैयारी है। इसके लिए बीडीए ने दिल्ली की कुछ कंपनियों से संपर्क साधा है। जल्द ही दिल्ली से टीम यहां आकर पेड़ों का सर्वे करेगी और उन्हें ट्रांसलोकेट किए जाने की संभावनाएं भी तलाश करेंगी। फिलहाल 25 किलोमीटर दूर ट्रांसलोकेट करने पर पेड़ों के पुनर्जीवन की संभावना बनी रहेंगी, बशर्ते उन्हें बरसात से पहले लगा दिया जाए। बरसात में पेड़ों के दुबारा पल्लवित होने के अधिक आसार रहेंगे।

पर्यावरणविद प्रो. आलोक खरे का कहना है कि अगर पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने की तकनीक अच्छी है तो फिर उन्हें कितनी दूर शिफ्ट किया जाना है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। पेड़ों को जड़ समेत उखाड़ने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। पुराने पेड़ों की जड़ काफी मजबूत होती है। जमीन से निकालते वक्त उनमें वहां की मिट्टी भी चिपक जाती थी। उसे साथ में बनाए रखना पड़ेगा। मिट्टी के साथ अगर जड़ उखाड़ने पर पेड़ को तीन दिन तक बाहर रखा जा सकता है। बड़ी जड़ वाले ऐसे पेड़ को दूसरी जगह पर पर्याप्त गहराई पर स्थापित किया जा सकता है।

ऐसे पेड़ों को जल्द दोबारा पल्लवित होने की संभावना अधिक रहती है। यह मौसम पेड़ों को शिफ्ट करने के लिए बेहतर है। अगर बारिश से पहले पेड़ों को ट्रांसलोकेट किया जाए तो उनका सर्वाइवल रेट काफी बढ़ जाएगा। कैंट रोड पर लालफाटक क्रासिंग के पास से 44 पेड़ों को ट्रांसलोकेट करने वाली नार्दन नर्सरी के संचालक शीतला प्रसाद ने बताया कि दूरी अधिक होने से पेड़ों के सर्वाइवल रेट पर फर्क नहीं पड़ता है। वह तो 70 फीसद से अधिक ही रहेगी। दूर ट्रांसलोकेट करने पर खर्च जरूर बढ़ जाता है।

यह है मामला : बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को डोहरा रोड जो कि रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के आगे रामगंगा नगर आवासीय योजना से बड़ा बाइपास तक जाती है, उसे चौड़ा करना है। करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के किनारे आठ सौ से अधिक पेड़ लगे हैं। दो दिन पहले वहां करीब डेढ़ दर्जन पेड़ों को वन विभाग ने काट दिया। मामले की जानकारी होने पर बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने कटान रुकवाया। डीएम नितीश कुमार ने भी वहां निरीक्षण कर पेड़ों को ट्रांसलोकेट कराने के निर्देश दिए। इस पर पेड़ों को वहां से करीब 25 किलोमीटर दूर मंझा गांव में ट्रांसलोकेट किए जाने का निर्णय अधिकारियों ने लिया। पेड़ों को ट्रांसलोकेट कराने के लिए बीडीए के अधिकारी तैयारी कर रहे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी : बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने बताया कि डोहरा रोड पर जितने भी पेड़ हैं, उन्हें 25 किलोमीटर दूर मंझा गांव में ट्रांसलोकेट कराया जाएगा। पेड़ों को ट्रांसलोकेट कराने के लिए कुछ कंपनियों से बातचीत की जा रही है। जल्द ही पेड़ों को शिफ्ट कराएंगे। उसके बाद सड़क को फोरलेन किया जाएगा।

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