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बीडीए उपाध्यक्ष बोले, हर तबके के लिए उपलब्ध होंगे आवास, अवैध कालोनियों पर चलेगा बुलडोजर

शहर में अवैध कालोनियों की भरमार है। कई कालोनियों के नक्शे पास नहीं कराए गए हैं तो कई कालोनी नक्शे के हिसाब से नहीं बन रही हैं। मजबूरन लोगों को महंगे आवास खरीदने पड़ रहे हैं। गरीबों के लिए तो अपने घर का सपना आंखों में ही रह गया है।

Sant ShuklaWed, 31 Mar 2021 05:05 PM (IST)
बीडीए उपाध्यक्ष बोले, हर तबके के लिए उपलब्ध होंगे आवास, अवैध कालोनियों पर चलेगा बुलडोजर

 बरेली, जेएनएन। शहर में अवैध कालोनियों की भरमार है। कई कालोनियों के नक्शे पास नहीं कराए गए हैं तो कई कालोनी नक्शे के हिसाब से नहीं बन रही हैं। मजबूरन लोगों को महंगे आवास खरीदने पड़ रहे हैं। गरीबों के लिए तो अपने घर का सपना आंखों में ही रह गया है। बरेली विकास प्राधिकरण हर तबके लिए आवास मुहैया करा रहा है और अवैध निर्माण करने वालों पर बुलडोजर चला रहा है। रामगंगा नगर में बड़ी आवासीय योजना पर काम चल रहा है। गेट बंद टाउनशिप जल्द लांच होनी है। इसके साथ ही नई टाउनशिप बनाने को जमीन की तलाश भी की जा रही है। शहर के विकास का खाका तैयार किया गया है। सप्ताह के साक्षात्कार में यह बातें बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने जागरण के संवाददाता से कही। पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश।

सवाल : शहर के विकास के लिए बीडीए ने क्या खाका तैयार किया है।

जवाब : फिलहाल पूरा फोकस 270 हेक्टेयर पर बसाई जा रही रामगंगा नगर आवासीय योजना पर है। इसे आवासीय, व्यावसायिक, मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। 45 मीटर चौड़ा अटल पथ बीसलपुर रोड व डोहरा रोड को जोड़ेगा। बीडीए का नया भवन, साइंस पार्क, ग्रीन बेल्ट, चौड़ी सड़कें, दो बड़े रेस्टोरेंट, मैरिज हॉल का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही गंगा, नर्मदा, कावेरी के नाम से तीन गेट बंद कालोनियों भी बनाई जाएंगी। इसके साथ ही प्राधिकरण नैनीताल रोड व दिल्ली रोड पर भी जमीन तलाश कर रहा है। वहां नई टाउनशिप तैयार की जाएंगी। इसके अलावा शहर में अवस्थापना निधि के तहत सड़कों के चौड़ीकरण, जल निकासी समेत अन्य विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।

सवाल : बीडीए की मौजूदा समय में वित्तीय स्थिति कैसी है।

जवाब : बीडीए की वित्तीय स्थिति में काफी सुधार हुआ है। रामगंगा आवासीय योजना के लिए ली गई जमीनों के बदले किसानों का मुआवजा चुका दिया है। करीब सौ करोड़ रुपये का लोन दे दिया है। चालीस करोड़ का लोन बचा है, जिसे जल्द चुका दिया जाएगा। बीडीए की संपत्तियों की बिक्री और कंपाउंडिंग से प्राधिकरण को अच्छी आमदनी हुई है। रामगंगा आवासीय योजना समेत अन्य स्थानों पर हुए अवैध कब्जों को ध्वस्त किया है।

सवाल : शहर की करीब दो सौ कालोनियां आज तक अवैध हैं, जो बीडीए की सूची में भी हैं। इनका नियमतिकरण कैसे होगा।

जवाब : जहां भी अवैध कालोनियों की जानकारी होती है. उसे ध्वस्त करा दिया जाता है. अब तक 30 से अधिक अवैध कालोनियों को ध्वस्त कर चुके हैं। कालोनाइजर लोगों को गुमराह करके प्लाट व मकान बेंच रहे हैं। किसी भी कालोनी में मकान लेने से पहले लोगों को बीडीए में आकर उसके ले-आउट पास होने की जानकारी लेनी चाहिए। कुछ अवैध कालोनी जो प्राधिकरण की सूची में हैं, उनमें से कुछ के नियमितिकरण पर विचार किया जा रहा है.

सवाल : गरीबों को आवास देने के लिए बीडीए क्या कर रहा है।

जवाब : प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बीडीए व प्राइवेट बिल्डरों के साथ मिलकर तीन स्थानों पर आवास बनाए जा रहे हैं। इनमें करीब सात सौ लोगों को आवास दिए जा चुके हैं। योजना के तहत 2344 आवास बनाए जा रहे हैं। करीब 27 वर्ग मीटर के एक मकान की लागत साढ़े चार लाख रुपये है। इसमें पात्रों को सिर्फ दो लाख रुपये देने हैं। बाकी के ढाई लाख रुपये सरकार देगी।

सवाल : संभागीय खाद्य नियंत्रक के तौर पर गेहूं खरीद की क्या तैयारी है।

जवाब : एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो चुकी है। गेहूं की खरीद के लिए मंडल में 570 केंद्र खोले गए हैं। ये केंद्र मंडियों, ब्लॉक, सरकारी भवन पर खोले हैं। किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर टोकन लेना होगा। सभी क्रय केंद्रों पर बैनर लगे होंगे, जिस पर आरएफसी कार्यालय पर बनाए गए कंट्रोल रूम का फोन नंबर होगा। किसान किसी भी समस्या के लिए सीधे कंट्रोल रूम में शिकायत कर सकेंगे।

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