जिले के साढ़े 13 हजार होनहारों की उम्मीदों पर पानी

जागरण संवाददाता बांदा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के होनहार बेटे छात्रवृत्ति के भरोसे व्य

JagranPublish: Fri, 22 Oct 2021 04:37 PM (IST)Updated: Fri, 22 Oct 2021 04:37 PM (IST)
जिले के साढ़े 13 हजार होनहारों की उम्मीदों पर पानी

जागरण संवाददाता, बांदा : आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के होनहार बेटे छात्रवृत्ति के भरोसे व्यवसायिक व उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं। लेकिन शिक्षण संस्थानों के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही उन्हें इस सुविधा वंचित कर रही है। जनपद में करीब साढ़े 13 हजार छात्र-छात्राओं के वजीफा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। इनके आवेदन सत्यापन के लिए विद्यालयों में लंबित हैं। सप्ताह भर में इन्हें अपलोड नहीं किया गया तो छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा।

गरीबों के बेटे-बेटियों की शिक्षा की राह में आर्थिक संकट रोड़ा न बने। इसके लिए छात्र-छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति व वजीफा दिया जा रहा है। इसी वजीफा के सहारे गरीबों के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में उड़ान भर रहे हैं। इंजीनियरिग से लेकर सिविल तक की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन खुद को लेकर ढेरों उम्मीद पाले इन छात्र-छात्राओं की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। समाज कल्याण अधिकारी के मुताबिक पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा नौ-दस में पढ़ने वाले सभी वर्गों के करीब 13469 आवेदन को फाइनल सबमिशन किया गया है। शिक्षण संस्थाओं ने मात्र 6396 आवेदनों को सत्यापित करके अग्रसारित किया है। 7073 आवेदन अभी विद्यालयों में अग्रसारण के लिए लंबित हैं। वहीं दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत कक्षा 11-12 व उच्च तथा व्यवसायिक कक्षाओं में पढ़ने वाले सभी वर्गों के 7612 आवेदन फाइनल सब मिशन में शामिल हैं। शिक्षण संस्थाओं ने महज 2454 आवेदन जांच के बाद अग्रसारित किए हैं। यहां सबसे ज्यादा 6347 आवेदन अग्रसारण के लिए लंबित हैं। ऐसी स्थिति तब जब डेडलाइन खत्म होने के बाद शासन छात्र-छात्राओं को देखते हुए अग्रसारण की तिथि बढ़ाकर 28 अक्टूबर कर दी है। स्कूल-कालेजों के प्रधानाचार्यों की लापरवाही का खामियाजा होनहार छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। यदि छह दिन में आवेदन फारवर्ड नहीं हुए तो गरीब परिवारों से जुड़े हजारों छात्र-छात्राओं को खामियाजा भुगतान पड़ेगा।

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डीएम का आदेश भी बेअसर

छात्रवृत्ति में आवेदनों के अग्रसारण को लेकर की जा रही लापरवाही पर समाज कल्याण अधिकारी ने डीएम व डीआइओएस से शिकायत की। शिक्षा संस्थानों को कई बार पत्र लिखा, लेकिन जिलाधिकारी का आदेश भी इन पर बौना है।

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-छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए उम्मीद के साथ छात्र-छात्राओं ने आवेदन कर रखा है, लेकिन प्रधानाचार्य व प्राचार्यों की ओर से फार्म अग्रसारित नहीं किए जा रहे हैं। लापरवाही को लेकर उन्होंने डीएम व डीआइओएस से आदेश कराया, पर उसके बाद भी तेजी नहीं आई।

-गीता सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी, बांदा

Edited By Jagran

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