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ठूंठ बने हैंडपंप नहीं बुझा पा रहे छात्र-छात्राओं की प्यास

संवाद सूत्र कमासिन कोरोना संकट काल के बाद विद्यालय खोल दिए गए। परिसर बच्चों से आबाद भी हो

By JagranEdited By: Published: Wed, 15 Sep 2021 04:35 PM (IST)Updated: Wed, 15 Sep 2021 04:35 PM (IST)
ठूंठ बने हैंडपंप नहीं बुझा पा रहे छात्र-छात्राओं की प्यास
ठूंठ बने हैंडपंप नहीं बुझा पा रहे छात्र-छात्राओं की प्यास

संवाद सूत्र, कमासिन : कोरोना संकट काल के बाद विद्यालय खोल दिए गए। परिसर बच्चों से आबाद भी हो गए। मूलभूत सुविधाओं की तरफ अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है। कस्बे के प्राथमिक विद्यालय प्राचीन के बच्चे गला तर करने के लिए घर से पानी की बोतल लाते हैं या आसपास के घरों की कुंडी खटखटाते हैं। वजह, एक साल पहले लगाया गया हैंडपंप ठूंठ बना खड़ा है।

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करीब पांच माह बाद शिक्षा के मंदिर आबाद हो गए। प्राथमिक विद्यालय में काफी पुराना हैंडपंप खराब हो गया था, तो पिछले साल नया हैंडपंप लगाया गया। ग्रामीण बताते हैं कि लगाने के बाद से ही एक बूंद पानी नहीं निकला। जिम्मेदारों ने खानापूरी की। प्रधानाध्यापक तीरथ प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि बीईओ सहित बेसिक शिक्षा अधिकारी को रीबोर किए गए हैंडपंप से पानी नहीं निकलने की जानकारी दी जा चुकी है। किसी भी अधिकारी ने शिकायत को संज्ञान में नहीं लिया। आज बच्चों के सामने पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है।

मिड्डे मील बनाने में भी आती है दिक्कत

रसोइयां बताती हैं कि मिड डे मील बनाने में भी दिक्कत आती है। पहले बालक बालिकाएं पीने के पानी का इंतजाम करते हैं, फिर इसके बाद थाली धोने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। स्कूल के समीप लगे दो हैंडपंप में एक एकदम बेकार पड़ा है और दूसरा रीबोर वाला भी ठूंठ की तरह खड़ा है। प्रधानाध्यापक तीरथ प्रसाद गुप्ता ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र भेजकर स्कूल में पेयजल की व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।


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