खाद का लक्ष्य से ज्यादा वितरण, फिर भी किसान मायूस

जागरण संवाददाता बांदा मंडल में इस बार लक्ष्य से ज्यादा डीएपी व यूरिया खाद का वितरण किया जा

JagranPublish: Fri, 12 Nov 2021 06:49 PM (IST)Updated: Fri, 12 Nov 2021 06:49 PM (IST)
खाद का लक्ष्य से ज्यादा वितरण, फिर भी किसान मायूस

जागरण संवाददाता, बांदा : मंडल में इस बार लक्ष्य से ज्यादा डीएपी व यूरिया खाद का वितरण किया जा चुका है, लेकिन किसानों को अभी संतुष्टि नहीं मिली। कृषि विभाग के मुताबिक मंडल में 31452 एमटी खाद का लक्ष्य था, इसके सापेक्ष अभी तक 36324 एमटी खाद का वितरण किया जा चुका है। जबकि स्टाक में चार हजार एमटी खाद का स्टाक है।

चित्रकूटधाम मंडल में इस वर्ष तीस हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की खपत होने का अनुमान था। शासन ने इसी आधार पर चारों जिलों में 31452 मीट्रिक टन वितरण का लक्ष्य तय किया था। कृषि विभाग के मुताबिक रबी सीजन में इस बार अभी तक 36324 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। इसमें सबसे ज्यादा हमीरपुर जिले में 13561 मीट्रिक टन खाद वितरित हुई है। जबकि महोबा खपत के मामले में दूसरे नंबर पर रहा। यहां 8195 एमटी डीएपी का वितरण 11 नवंबर तक किया जा चुका है। जबकि बांदा में 8028 और चित्रकूट में 6540 एमटी खाद किसानों को बांटी गई है। इसके बाद भी मंडल के बफर गोदामों में इस बार 39905 मीट्रिक टन डीएपी खाद की व्यवस्था की गई थी। अभी भी करीब तीन हजार मीट्रिक टन डीएपी स्टाक में हैं। इसके अलावा एक-एक रैक बांदा-हमीरपुर को आ चुकी है। कृषि विभाग का दावा है कि अभी सहकारी बिक्री केंद्रों में 2172 मीट्रिक टन खाद मौजूद है। इसके अलावा निजी बिक्री केंद्रों में 1409 एमटी खाद उपलब्ध है।

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जरुरत पड़ी तो अभी और आएंगी खाद की रैक

चित्रकूटधाम मंडल के संयुक्त कृषि निदेशक उमेशचंद्र कटियार ने कहा कि खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। शुक्रवार को बांदा-चित्रकूट और हमीरपुर-महोबा के लिए एक-एक रैक आ चुकी हैं। जरूरत पड़ी तो अभी और रैक की डिमांड की जाएगी। सहकारिता में हड़ताल के चलते वितरण कुछ प्रभावित जरूर हुआ है, पर डीएपी खाद की कमी नहीं है।

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समितियां खुलीं तो मिली राहत

बांदा : जिले में हड़ताल खत्म होने के बाद सहकारी समितियां खुलीं तो किसानों को काफी राहत मिली। पहले दिन 46 सहकारी केंद्रों में किसानों को करीब 300 एमटी डीएपी किसानों को वितरित की गई। एडीओसी सहायक विकास अधिकारी सहकारिता कमलेश सिंह ने बताया कि केंद्रों में लगातार खाद भेजी जा रही है।

Edited By Jagran

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