विश्वकर्मा के आशीर्वाद से फैल रही बेटियों के हुनर की बेल

सिलाई व कढ़ाई का प्रशिक्षण मिल रहा मुफ्त भत्ता संग औजार भी दे रहा हौसलों को उड़ान।

JagranPublish: Mon, 13 Jun 2022 09:49 PM (IST)Updated: Mon, 13 Jun 2022 09:49 PM (IST)
विश्वकर्मा के आशीर्वाद से फैल रही बेटियों के हुनर की बेल

पवन मिश्र, बलरामपुर : विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू होने से दिल्ली मुंबई जाने वाले अब यहीं पर पुश्तैनी व पसंदीदा रोजगार करना सीख रहे हैं। साथ ही बेटियां भी हुनरमंद होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। पहले माता-पिता महंगे खर्च पर प्रशिक्षण नहीं दिला पाते थे। ऐसे में आगे बढ़ने का सपना चूल्हे चौके में ही सिमट कर रह जाता था।

भगवान विश्वकर्मा के आशीर्वाद से अब न केवल बेटियों को सिलाई, कढ़ाई, रसोई कला समेत अन्य पसंद वाले को हुनर का प्रशिक्षण मिल रहा है। बल्कि औजार किट व बैंकों से ऋण भी दिलाया जा रहा है। सरकार मुफ्त प्रशिक्षण व भत्ता दे रही है। इससे हुनरमंद बनने के साथ बेटियां किराया समेत दैनिक खर्च भी खुद उठा रहीं हैं।

खुद की कमाई से मंजिल हासिल करेंगी बेटियां:

पहलवारा की राधिका पाठक पढ़ाई के लिए बाहर जाना चाहती थी। घर वाले दूर भेजने को तैयार नहीं थे। अब शहर में ही सिलाई-कढ़ाई सीख फैशन डिजाइनर बनना चाह रही है। भंडार खाना की सालू सरकारी नौकरी करना चाहती थी, लेकिन परिवार की स्थिति ठीक न होने से घर बैठना पड़ा। सिलाई सीखने के बाद वह अब खुद के पैसे से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करेगी। बलुहा की पिकी कढ़ाई सीखना चाहती थी, लेकिन घरवाले महंगा प्रशिक्षण नहीं दिला सकते थे। अब वह मुफ्त में सीख रही है। बलुहा की रागिनी ने बताया कि बेटियां सिलाई कढ़ाई से कुछ न कुछ जरूर कमा लेंगी। इससे उन्हें अपनी जरूरतों के लिए दूसरों के आगे हाथ नहीं फैलाना होगा। पानी टंकी की सलोनी भी हुनरमंद बन कर खुद को आत्मनिर्भर बनाने मे जुटी है। उपायुक्त उद्योग राजेश पांडेय ने बताया कि 150 बेटियों- महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन्हें प्रशिक्षण भत्ता के साथ सिलाई मशीन भी मिलेगी।

Edited By Jagran

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